Breaking News
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने गिनाई 12 साल की उपलब्धियां
अक्षय-परेश-सुनील की तिकड़ी फिर करेगी धमाल, रिलीज हुआ ‘वेलकम टू द जंगल’ का ट्रेलर
जसपाल राणा का निधन खेल जगत और पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति- मुख्यमंत्री
जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को मिलेगा निःशुल्क उपचार
मोदी सरकार ने बदली राजनीति की रीति नीति- रेखा आर्या
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के देहरादून दौरे को लेकर सुरक्षा चाक-चौबंद, शहर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू
SDRF की त्वरित कार्रवाई, नदी किनारे पत्थरों में फंसे व्यक्ति का किया सफल रेस्क्यू
प्रसिद्ध निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का निधन, खेल जगत में शोक की लहर
अवैध प्लॉटिंग और रियल एस्टेट अनियमितताओं पर कसेगा शिकंजा, रेरा में बड़े सुधारों की तैयारी

PM मोदी तीन नवंबर को लॉन्च करेंगे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नवाचार सम्मेलन, आरडीआई फंड से रिसर्च को मिलेगा बूस्ट

नई दिल्ली: भारत वैज्ञानिक प्रगति के नए अध्याय की तरफ कदम बढ़ाने जा रहा है। तीन नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में पहली बार उभरती विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी इनोवेशन कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे। इसी दौरान पीएम देश के R&D सेक्टर को नई ताकत देने के लिए एक लाख करोड़ रुपये के मेगा ‘आरडीआई फंड’ की घोषणा भी करेंगे जिससे प्राइवेट सेक्टर को अनुसंधान व नवाचार में बड़े स्तर पर निवेश के लिए प्रेरित किया जाएगा।

पीएमओ ने बताया कि ईएसटीआईसी 2025 केंद्र सरकार की प्रमुख पहल के रूप में हर साल आयोजित किया जाएगा। तीन दिवसीय कार्यक्रम में देश-विदेश के प्रमुख विश्वविद्यालय, रिसर्च इकोसिस्टम, उद्योग जगत, पॉलिसी एक्सपर्ट्स और युवा शोधकर्ता शामिल होंगे। सम्मेलन में नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिकों से लेकर इंडस्ट्री लीडर्स तक की मौजूदगी रहेगी।

सरकार को उम्मीद है कि यह मंच शिक्षा,उद्योग और शोध के बीच गैप को कम करेगा और भारत को ग्लोबल टेक-इनोवेशन लैंडस्केप में मजबूत स्थिति दिलाएगा। आरडीआई फंड से डीप टेक, सेमीकंडक्टर, AI, क्वांटम, हैल्थ साइंस, एडवांस मटेरियल्स जैसी 11 प्रमुख उभरती टेक्नोलॉजीज में शोध और उत्पाद विकास को गति मिलेगी।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह फंड और ईएसटीआईसी प्लेटफॉर्म भारत के इनोवेशन मॉडल को बदलने वाला साबित हो सकता है, जहां रिसर्च अब सिर्फ लैब में नहीं, बल्कि इंडस्ट्री में ‘नतीजों’ के साथ आगे बढ़ेगा। सरकार का लक्ष्य साफ़ है कि भारत को 2030 तक ग्लोबल साइंस और टेक इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top