Breaking News
पेट रोज साफ नहीं होता? कब्ज समझकर न करें नजरअंदाज, इन बीमारियों का हो सकता है संकेत
पेट रोज साफ नहीं होता? कब्ज समझकर न करें नजरअंदाज, इन बीमारियों का हो सकता है संकेत
13 सितंबर को देहरादून में होंगी सीडीएस, एनडीए एवं एनए की परीक्षाएं
13 सितंबर को देहरादून में होंगी सीडीएस, एनडीए एवं एनए की परीक्षाएं
देहरादून बार एसोसिएशन को जल्द मिलेगा अपना प्रोफेशनल ऑफिस भवन
देहरादून बार एसोसिएशन को जल्द मिलेगा अपना प्रोफेशनल ऑफिस भवन
ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा के विशिष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाए- मुख्यमंत्री
ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा के विशिष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाए- मुख्यमंत्री
‘शक: ट्रस्ट नो वन’ का ट्रेलर हुआ जारी, जानिये कब और कहां देख सकेंगे वेब सीरीज
‘शक: ट्रस्ट नो वन’ का ट्रेलर हुआ जारी, जानिये कब और कहां देख सकेंगे वेब सीरीज
ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सचल चिकित्सा वाहन तैनात
ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सचल चिकित्सा वाहन तैनात
आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज के दौरान कोई परेशानी हो तो सीएमओ से करें संपर्क
आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज के दौरान कोई परेशानी हो तो सीएमओ से करें संपर्क
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से मिले लेखक मुकेश लाल
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से मिले लेखक मुकेश लाल
महिला एशिया कप 2026- बांग्लादेश को 40 रनों से हराकर फाइनल में पहुंचा भारत
महिला एशिया कप 2026- बांग्लादेश को 40 रनों से हराकर फाइनल में पहुंचा भारत

विटामिन B12 की कमी दूर करने के आसान प्राकृतिक तरीके: शाकाहारी–मांसाहारी सभी के लिए उपयोगी गाइड

विटामिन B12 की कमी दूर करने के आसान प्राकृतिक तरीके: शाकाहारी–मांसाहारी सभी के लिए उपयोगी गाइड

How to Add Vitamin B12 in Diet: विटामिन B12 शरीर के लिए उन पोषक तत्वों में शामिल है, जिनकी कमी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की जड़ बन सकती है। इसे कोबालामिन भी कहा जाता है और यह लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण, नसों की सुरक्षा और डीएनए बनने की प्रक्रिया के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब शरीर में इसकी मात्रा कम होने लगती है तो हाथ-पैरों में झनझनाहट, लगातार थकान, याददाश्त कमजोर होना और एनीमिया जैसे लक्षण सामने आने लगते हैं।

चूंकि यह विटामिन मुख्य रूप से पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है, इसलिए शाकाहारी और वीगन लोगों में इसकी कमी का खतरा ज्यादा रहता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि बी12 की कमी दूर करने के लिए हमेशा महंगे सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ती। हमारे रोजमर्रा के खाने में भी कई ऐसे विकल्प मौजूद हैं, जो इस पोषक तत्व की जरूरत को पूरा कर सकते हैं।

दूध और डेयरी उत्पाद शाकाहारियों के लिए बी12 के सर्वोत्तम प्राकृतिक स्रोत हैं। गाय का दूध, दही, पनीर और छाछ न केवल आसानी से उपलब्ध हैं, बल्कि इनमें बी12 की मात्रा भी काफी अच्छी होती है। फुल-फैट या टोन्ड दूध इस विटामिन के अवशोषण के लिए अधिक फायदेमंद माना जाता है।

मांसाहारी लोगों के लिए अंडा विटामिन बी12 का बेहद प्रभावी और किफायती विकल्प है। इसके अलावा मछली—खासकर सैल्मन और टूना—चिकन और रेड मीट भी इस विटामिन की कमी को तेजी से पूरा करने में मदद करते हैं।

वहीं, वीगन और सख्त शाकाहारी लोग फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों की मदद ले सकते हैं। आजकल बाजार में कई उत्पाद ऐसे उपलब्ध हैं, जिनमें बी12 को अतिरिक्त रूप से मिलाया जाता है—जैसे फोर्टिफाइड सोया दूध, बादाम दूध, ओट्स और नाश्ते में खाए जाने वाले कई प्रकार के सीरियल।

इसके अलावा न्यूट्रिशनल यीस्ट भी बी12 का एक लोकप्रिय विकल्प बनकर उभरा है। इसे अक्सर वीगन डाइट में चीज जैसा स्वाद देने और पोषण बढ़ाने के लिए शामिल किया जाता है।

यदि टेस्ट में कमी गंभीर पाई जाती है, तो डॉक्टर की सलाह से ही सप्लीमेंट (टैबलेट या इंजेक्शन) शुरू करना चाहिए, क्योंकि केवल आहार के जरिए गंभीर कमी को पूरा करना मुश्किल हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top