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महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने महिला हेल्प डेस्क एवं साइबर सेल का किया औचक निरीक्षण

महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना और परिवारों को टूटने से बचाना शासन प्रशासन की संयुक्त जिम्मेदारी- कुसुम कंडवाल

कोटद्वार। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल द्वारा कोटद्वार आगमन पर महिला हेल्प डेस्क का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने डेस्क में चल रही काउंसलिंग प्रक्रिया का भी अवलोकन किया। संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अध्यक्ष महोदय ने स्वयं भी काउंसलिंग में प्रतिभाग किया और वहां मौजूद दोनों पक्षों की समस्याओं को सुनकर आपसी समन्वय के माध्यम से विवादों को सुलझाने का सार्थक प्रयास किया।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हेल्प डेस्क का मुख्य उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना और परिवारों को टूटने से बचाना शासन प्रशासन की संयुक्त जिम्मेदारी है। निरीक्षण के क्रम में अध्यक्ष ने हेल्प डेस्क प्रभारी से वर्ष 2025-26 के पंजीकृत केसों की विस्तृत जानकारी ली।

समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 540 मामले पंजीकृत किए गए, जिनका सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है।

वहीं, वर्तमान वर्ष के शुरुआती महीनों (जनवरी-फरवरी 2026) में अब तक 112 नए केस दर्ज हुए हैं, जिन पर वर्तमान में सुनवाई और निस्तारण की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

महिला हेल्प डेस्क के उपरांत अध्यक्ष ने साइबर सेल का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं से संबंधित ऑनलाइन अपराधों व साइबर बुलिंग के मामलों पर प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने स्कूल कॉलेजों में बेटियों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव से अवगत कराने व जागरूकता करने के निर्देश दिए। वहीं प्राइवेट संस्थानों में भी महिला कर्मचारियों को कार्यस्थल पर उत्पीड़न सम्बंधित शिकायत की ICC कमेटी की जानकारी साझा करने के निर्देश दिए।

इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के अवसर पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन का पूर्ण सहयोग रहा। निरीक्षण के दौरान कोटद्वार थाना प्रभारी प्रदीप नेगी, महिला हेल्पलाइन प्रभारी एस.आई. दीपिका बिष्ट तथा अध्यक्ष महिला आयोग के निजी सचिव आधार वर्मा उपस्थित रहे।

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