Breaking News
देहरादून पुलिस का त्वरित एक्शन, 24 घंटे में बुलेट चोरी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
लोकसभा में नकल विरोधी संशोधन विधेयक पारित होने पर मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री का जताया आभार
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर SIR पर की समीक्षा
कांवड़ यात्रा के दौरान SDRF की त्वरित कार्रवाई, कांगड़ा घाट पर गंगा में डूब रहे कांवड़िये को सकुशल बचाया
सेलाकुई में चोरी और वाहन चोरी का खुलासा, शातिर चोर गिरफ्तार
सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध जनभागीदारी से चलाना होगा प्रभावी अभियान- मुख्यमंत्री
सिर्फ हेल्दी खाना नहीं, सही समय पर खाना भी है जरूरी, जानिए पूरे दिन का परफेक्ट डाइट शेड्यूल
आपदा राहत कार्यों में तेजी लाएं, अवरुद्ध मार्गों को प्राथमिकता से खोलें- आयुक्त आनंद स्वरूप
‘जुमानजी: ओपन वर्ल्ड’ का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज, गेम के किरदार पहुंचे अब असली दुनिया में

ट्रंप ने लगाया भारत पर रूसी तेल खरीद के बहाने 50% तक टैरिफ, यूरोपीय देशों पर भी दबाव

नई दिल्ली/वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर नाराजगी जताई है और भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला किया है। ट्रंप का आरोप है कि भारत की यह खरीद यूक्रेन युद्ध को वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका अब यूरोपीय देशों पर भी द बाव डाल रहा है कि वे भारत पर इसी तरह के प्रतिबंध और टैरिफ लागू करें। व्हाइट हाउस ने यूरोपीय देशों से आग्रह किया है कि भारत से खरीदे जाने वाले सभी तेल और गैस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाएं।

हालांकि अधिकांश यूरोपीय देश इस कदम पर चुप हैं और उन्होंने अमेरिका के टैरिफ का खुलकर समर्थन या विरोध नहीं किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम का भारत पर ज्यादा असर नहीं होगा, लेकिन इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक और राजनयिक तनाव बढ़ सकता है।

ट्रंप भारत के अलावा यूरोप में भी रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए दबाव बना रहे हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्ष को लेकर भी नाराज हैं। पाकिस्तान ने ट्रंप के दावे को स्वीकार किया और उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार देने की मांग भी की, जबकि भारत ने कहा कि संघर्ष रुकवाने में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं थी।

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत रूस से तेल खरीदना “राष्ट्रीय जरूरत” के तहत कर रहा है और यह निर्णय भारत की संप्रभुता और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा है।

विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप के टैरिफ कदम से अमेरिका–भारत रणनीतिक संबंधों पर असर पड़ सकता है, लेकिन भारत अपने राष्ट्रीय हितों और ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top