Breaking News
दो जरूरतमंद महिलाओं को सीएसआर फंड से मिली एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ रही आयुष औषधियों की मांग, उत्पादन और गुणवत्ता नियंत्रण जरूरी- त्रिवेन्द्र
20 मार्च तक जनपद की सभी सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण करें- जिलाधिकारी
दुबई में तेज धमाकों से मचा हड़कंप, आसमान में उठा काले धुएं का गुबार
सीएम धामी के सख्त निर्देश के बाद इकबालपुर पुलिस चौकी के सभी छह पुलिसकर्मी निलंबित
भोजन करने का सही तरीका कौन सा है, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
घोलतीर के पास हाईवे पर पलटी कार, रुद्रप्रयाग पुलिस ने चालक को निकाला सुरक्षित बाहर
धारी देवी मंदिर परिसर को आकर्षक वॉल वॉशर लाइटिंग से सजाया गया, रात में दिखेगा मनमोहक दृश्य
मुख्यमंत्री धामी ने जनसुविधाओं और विकास कार्यों के लिए 44.64 करोड़ रुपये की दी मंजूरी

ट्रंप ने लगाया भारत पर रूसी तेल खरीद के बहाने 50% तक टैरिफ, यूरोपीय देशों पर भी दबाव

नई दिल्ली/वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर नाराजगी जताई है और भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला किया है। ट्रंप का आरोप है कि भारत की यह खरीद यूक्रेन युद्ध को वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका अब यूरोपीय देशों पर भी द बाव डाल रहा है कि वे भारत पर इसी तरह के प्रतिबंध और टैरिफ लागू करें। व्हाइट हाउस ने यूरोपीय देशों से आग्रह किया है कि भारत से खरीदे जाने वाले सभी तेल और गैस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाएं।

हालांकि अधिकांश यूरोपीय देश इस कदम पर चुप हैं और उन्होंने अमेरिका के टैरिफ का खुलकर समर्थन या विरोध नहीं किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम का भारत पर ज्यादा असर नहीं होगा, लेकिन इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक और राजनयिक तनाव बढ़ सकता है।

ट्रंप भारत के अलावा यूरोप में भी रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए दबाव बना रहे हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्ष को लेकर भी नाराज हैं। पाकिस्तान ने ट्रंप के दावे को स्वीकार किया और उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार देने की मांग भी की, जबकि भारत ने कहा कि संघर्ष रुकवाने में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं थी।

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत रूस से तेल खरीदना “राष्ट्रीय जरूरत” के तहत कर रहा है और यह निर्णय भारत की संप्रभुता और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा है।

विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप के टैरिफ कदम से अमेरिका–भारत रणनीतिक संबंधों पर असर पड़ सकता है, लेकिन भारत अपने राष्ट्रीय हितों और ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top