Breaking News
​देवभूमि की शांति भंग करने वाले अपराधियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शेगी सरकार- कुसुम कण्डवाल
जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें- जिलाधिकारी
मंत्री गणेश जोशी ने टिहरी में चारधाम यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण, दिए गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश
2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी- मुख्यमंत्री
दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत
‘पेद्दी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, चार दिन में कमाए इतने करोड़ रूपए
ऋषिकेश में बदमाशों के साथ हुई पुलिस की मुठभेड़, दो अपराधी गोली लगने से घायल
न्याय की सार्थकता उसकी निष्पक्षता और समयबद्धता में निहित है- मुख्यमंत्री धामी
उत्तराखंड में आज से SIR की शुरुआत, घर-घर पहुंचेंगे 11,733 बीएलओ

गुजरात के वडोदरा में दर्दनाक हादसा, महिसागर नदी पर बना पुल अचानक ढहा, 9 लोगों की मौत

पीएम मोदी और सीएम भूपेंद्र पटेल ने जताया दुख

मृतकों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार की सहायता का एलान

वडोदरा। गुजरात के वडोदरा जिले में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा हुआ, जब आणंद और पादरा को जोड़ने वाला 45 साल पुराना गम्भीरा पुल अचानक टूट गया। पुल के ऊपर से गुजर रहे चार वाहन – दो ट्रक, एक बोलेरो SUV और एक पिकअप वैन – सीधा महिसागर नदी में गिर गए। इस हादसे में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि नौ अन्य को सुरक्षित बचा लिया गया है।

घटना के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुल ढहने से पहले एक तेज आवाज सुनाई दी थी, और देखते ही देखते कई वाहन नदी में समा गए। मौके पर फायर ब्रिगेड, जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें तेजी से पहुंचीं। स्थानीय नागरिकों ने भी बचाव कार्य में हाथ बंटाया। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हादसे पर शोक जताते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने का एलान किया है।

राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने इस घटना को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर क्यों बार-बार पुलों की गुणवत्ता को लेकर लापरवाही बरती जा रही है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि यह पुल वर्षों से जर्जर हालत में था और कई बार इसकी मरम्मत की मांग की गई थी, लेकिन प्रशासन ने अनदेखी की। एक निवासी ने कहा, “यह पुल न केवल हादसों के लिहाज से खतरनाक था, बल्कि आत्महत्या की घटनाएं भी यहां होती रही हैं। कई बार चेतावनियां दी गईं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top