Breaking News
गैरसैंण विधानसभा सत्र कुछ ही घंटों में स्थगित करना जनता के पैसे की बर्बादी: गणेश गोदियाल
गैरसैंण विधानसभा सत्र कुछ ही घंटों में स्थगित करना जनता के पैसे की बर्बादी: गणेश गोदियाल
पशु हेल्पलाइन 1962 पर रिस्पॉन्स नहीं मिलने से डीएम नाराज, संबंधित कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश
पशु हेल्पलाइन 1962 पर रिस्पॉन्स नहीं मिलने से डीएम नाराज, संबंधित कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश
आपदा प्रभावित क्षेत्र मसंदावाला के लिए जारी हुए 43 लाख, ग्रामीणों ने जताया मंत्री गणेश जोशी का आभार
आपदा प्रभावित क्षेत्र मसंदावाला के लिए जारी हुए 43 लाख, ग्रामीणों ने जताया मंत्री गणेश जोशी का आभार
देहरादून में जाम से मिलेगी निजात? डीएम ने तैयार करने के दिए मास्टर प्लान के निर्देश
देहरादून में जाम से मिलेगी निजात? डीएम ने तैयार करने के दिए मास्टर प्लान के निर्देश
गैरसैंण में दो विधानसभा सत्र आयोजित करना सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक: सीएम धामी
गैरसैंण में दो विधानसभा सत्र आयोजित करना सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक: सीएम धामी
नैनीताल में पर्यटन स्वरोजगार और होमस्टे योजनाओं को बढ़ावा, 31 आवेदन स्वीकृत
नैनीताल में पर्यटन स्वरोजगार और होमस्टे योजनाओं को बढ़ावा, 31 आवेदन स्वीकृत
हल्द्वानी में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर डीएम ने किसानों से की अपील
हल्द्वानी में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर डीएम ने किसानों से की अपील
श्रीनगर से सड़क मार्ग से देहरादून लौटते हुए मुख्यमंत्री धामी ने किया राष्ट्रीय राजमार्ग का स्थलीय निरीक्षण
श्रीनगर से सड़क मार्ग से देहरादून लौटते हुए मुख्यमंत्री धामी ने किया राष्ट्रीय राजमार्ग का स्थलीय निरीक्षण
सरकार ने अनुपूरक बजट में हर वर्ग के कल्याण पर फ़ोकस किया है: महाराज
सरकार ने अनुपूरक बजट में हर वर्ग के कल्याण पर फ़ोकस किया है: महाराज

उत्तर प्रदेश में बिजली दरों में बढ़ोतरी का खतरा, 15 से 20 फीसदी तक महंगी हो सकती है बिजली

उत्तर प्रदेश में बिजली दरों में बढ़ोतरी का खतरा, 15 से 20 फीसदी तक महंगी हो सकती है बिजली

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली की दरों में बढ़ोतरी का एक बड़ा खतरा सामने आ सकता है। हाल ही में बिजली कंपनियों ने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के सामने एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें कंपनियों के बड़े घाटे को लेकर चिंता जताई गई है। प्रस्ताव में यह बताया गया कि मौजूदा दरों के तहत कंपनियों को लगभग 13,000 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा हो सकता है। हालांकि, इस समय कंपनियों ने दर बढ़ाने के लिए कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं दिया है, लेकिन अगर प्रस्ताव मंजूर किया जाता है तो बिजली दरें 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं।

कंपनियों के घाटे को ध्यान में रखते हुए, विद्युत आयोग अगले साल अप्रैल से दरों में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने पर विचार कर सकता है। यह बढ़ोतरी मार्च 2024 से पहले तय की जा सकती है। वर्तमान में बिजली की दरें 2019 से लागू हैं, और यह पहली बार है जब 5 सालों बाद इन दरों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। कंपनियों ने एआरआर (वार्षिक राजस्व आवश्यकताएँ) प्रस्ताव आयोग को सौंपा है, जिसमें घाटे की भरपाई के लिए दरें बढ़ाने का उल्लेख किया गया है।

नई दरें कब से लागू हो सकती हैं?
प्रस्ताव में बिजली खरीदने की लागत 92 से 95 हजार करोड़ रुपये के बीच आंकी गई है, जबकि मौजूदा दरों के चलते कंपनियों को 12,800 से 13,000 करोड़ रुपये का घाटा होने का अनुमान है। इस घाटे को पूरा करने के लिए दरों में बढ़ोतरी की आवश्यकता बताई जा रही है। हालांकि, कंपनियों ने औपचारिक रूप से दर बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं दिया है। अब विद्युत आयोग खुद ही कंपनियों के घाटे का परीक्षण करेगा और इसके बाद दरें बढ़ाने का फैसला करेगा। एआरआर प्रस्ताव पर परीक्षण और आवश्यक बदलावों के बाद, आयोग को 120 दिनों के भीतर अंतिम निर्णय लेना होगा। यदि सबकुछ योजना के अनुसार चलता है, तो नई दरें 1 अप्रैल 2024 से लागू हो सकती हैं।

बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी के मद्देनजर, जानकारों का कहना है कि चूंकि यूपी में चुनाव का साल नहीं है, इस कारण सरकार बिजली की दरों में बढ़ोतरी को लेकर सहज हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top