Breaking News
उत्तराखंड में जीएसटी संग्रहण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, नेट एसजीएसटी 24% बढ़ा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया अपने पद से इस्तीफा
भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 676.23 अरब डॉलर पहुंचा, आरबीआई के ताजा आंकड़े जारी
‘जन नायकन’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा, दो दिन में पार किया 50 करोड़ का आंकड़ा
शिक्षक बनने का सुनहरा मौका,16 अगस्त को होगी संयुक्त बीएड-एमएड प्रवेश परीक्षा
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक
ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंसः हर युवा का भविष्य बचाना हमारी प्राथमिकता- डीएम
उत्तराखंड पुलिस के निलंबित सिपाही शेर सिंह के तथाकथित “इस्तीफे” को लेकर उठे सवाल

पति द्वारा पत्नी पर जघन्य व अमानवीय अत्याचार, महिला आयोग ने लिया संज्ञान – कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश

महिलाओं के खिलाफ जघन्य क्रूरता व हिंसा अस्वीकार्य- कुसुम कण्डवाल

देहरादून। देहरादून की एक पीड़िता ने अपने पति पर लंबे समय से शारीरिक, मानसिक और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। जिस पर उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने जानकारी मिलते ही संज्ञान लिया है, पीड़िता ने देहरादून ने थाना कोतवाली में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके पति पुश्पांज रोहिला द्वारा लगातार मारपीट, गाली-गलौज और शराब के नशे में हिंसा, उत्पीड़न और अत्याचार किया जा रहा है।

पीड़िता के अनुसार, आरोपी पति शराब के नशे में आए दिन गाली-गलौज, मारपीट और अपमानजनक व्यवहार करता है। हाल ही में हुई एक घटना में उसने अत्यंत अमानवीय और अशोभनीय कृत्य किया, आरोपी द्वारा पीड़िता के गुप्तांगों पर बोतल द्वारा प्रहार किया गया है जिससे पीड़िता गंभीर रूप से घायल हो गई। पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपी ने उसके शैक्षणिक दस्तावेज़ नष्ट किए और जान से मारने की धमकी दी।

इस गंभीर प्रकरण पर उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए एसपी सिटी देहरादून को कठोर व त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि यह मामला अत्यंत संवेदनशील और भयावह है तथा इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा, “महिलाओं के खिलाफ इस प्रकार की क्रूरता अस्वीकार्य है। उन्होंने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आरोपी के विरुद्ध कानून की सबसे सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की जाए। पीड़िता को हर संभव सुरक्षा और चिकित्सा सहायता प्रदान की जाए।”

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि “सरकार व महिला आयोग ऐसी घटनाओं पर शून्य टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। न्याय में देरी को अन्याय माना जाएगा, इसलिए इस प्रकरण की मॉनिटरिंग आयोग द्वारा की जाएगी।”

एसपी सिटी ने बताया कि वर्तमान में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। शीघ्र अतिशीघ्र कार्यवाही से आयोग को अवगत कराया जायेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top