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परमहंस योगानंद की शिक्षाएं मानवता के लिए प्रेरक- मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘भगवद्गीता का योग विज्ञान’ का विमोचन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में परमहंस योगानंद द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता पर लिखी गई टीका “ईश्वर अर्जुन संवाद” (God Talks with Arjuna) के संक्षिप्त हिंदी संस्करण “भगवद्गीता का योग विज्ञान” का विमोचन किया।

इस अवसर पर योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया (YSS) के अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट आश्रम से आए संन्यासी स्वामी वासुदेवानंद और स्वामी धैर्यानंद विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान स्वामी वासुदेवानंद ने मुख्यमंत्री को योगदा सत्संग सोसाइटी की आध्यात्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक सेवा गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि द्वाराहाट आश्रम में साधना, स्वास्थ्य, शिक्षा और समाजोपयोगी सेवा कार्यों से स्थानीय जनजीवन को दिशा मिल रही है।

स्वामी  ने मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया कि अल्मोड़ा के द्वाराहाट स्थित पवित्र गुफा में ही अमर गुरु महावतार बाबाजी ने काशी के महान योगी लाहिड़ी महाशय को “क्रियायोग” की दीक्षा दी थी। यही क्रियायोग वह प्राचीन योग विज्ञान है, जिसका उल्लेख भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अर्जुन को दिया था और जो श्रीमद्भगवद्गीता में वर्णित है। उन्होंने बताया कि हिमालय की इस प्राचीन ज्ञान परंपरा को परमहंस योगानंद ने अपने ग्रंथों और शिक्षाओं के माध्यम से विश्वभर में फैलाया।

मुख्यमंत्री धामी ने परमहंस योगानंद की शिक्षाओं को “युगप्रेरक और मानवता के लिए मार्गदर्शक” बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे ग्रंथ आत्मबोध, आंतरिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा के स्रोत हैं, जो समाज को दिशा प्रदान करते हैं।

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