Breaking News
राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण को लेकर समिति की बैठक, डीएम ने दिए पारदर्शिता के साथ निस्तारण के निर्देश
राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण को लेकर समिति की बैठक, डीएम ने दिए पारदर्शिता के साथ निस्तारण के निर्देश
नशे से दूर रहकर सकारात्मक एवं रचनात्मक जीवन का करें चयन- डीएम
नशे से दूर रहकर सकारात्मक एवं रचनात्मक जीवन का करें चयन- डीएम
हेरोइन तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग केस में गौरव डावर गिरफ्तार, कोर्ट ने 5 दिन की ईडी कस्टडी दी
हेरोइन तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग केस में गौरव डावर गिरफ्तार, कोर्ट ने 5 दिन की ईडी कस्टडी दी
प्रदेश के 243 पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी आउट ऑफ टर्न नियुक्ति
प्रदेश के 243 पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी आउट ऑफ टर्न नियुक्ति
ड्रोन से डार्कनेट तक तस्करी के नए नेटवर्क पर नजर, दो दिन चलेगा एएनटीएफ सम्मेलन
ड्रोन से डार्कनेट तक तस्करी के नए नेटवर्क पर नजर, दो दिन चलेगा एएनटीएफ सम्मेलन
एमपैक्स समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य सितंबर माह के अंत तक करें पूरा- डीएम
एमपैक्स समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य सितंबर माह के अंत तक करें पूरा- डीएम
अत्याचार से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को समय पर न्याय, सुरक्षा और सम्मान मिले – मुख्यमंत्री
अत्याचार से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को समय पर न्याय, सुरक्षा और सम्मान मिले – मुख्यमंत्री
एशियन गेम्स 2026- श्रीलंका को 147 रनों से हराकर भारत ने जीता स्वर्ण पदक
एशियन गेम्स 2026- श्रीलंका को 147 रनों से हराकर भारत ने जीता स्वर्ण पदक
जनपद टिहरी के 2017 आंगनबाड़ी केंद्रों में मनाया जाएगा “आंगन का मिलन कार्यक्रम
जनपद टिहरी के 2017 आंगनबाड़ी केंद्रों में मनाया जाएगा “आंगन का मिलन कार्यक्रम

मुख्यमंत्री ने किया ‘शीतलहर पूर्व तैयारी’ विषय पर कार्यशाला का शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने किया ‘शीतलहर पूर्व तैयारी’ विषय पर कार्यशाला का शुभारंभ

आपदा प्रबंधन सामूहिक जिम्मेदारी, सभी विभाग समन्वित रूप से करें कार्य -मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सर्वे ऑफ इंडिया ऑडिटोरियम, हाथीबड़कला में ‘शीतलहर पूर्व तैयारी’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने शीतलहर, बाढ़, मॉक अभ्यास, हवाई यातायात सहायता की एस.ओ.पी., आपदा प्रबंधन विभाग के नववर्ष कैलेंडर 2026 एवं आपदा प्रबंधन हस्तपुस्तिका का विमोचन किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवा आपदा मित्रों एवं वर्ष 2025 में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव में सराहनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया। आपदा प्रबंधन के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा उपलब्ध कराए गए चार वाहनों का भी मुख्यमंत्री ने फ्लैग ऑफ किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदा प्रबंधन किसी एक विभाग की नहीं, बल्कि समस्त प्रशासन, स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संगठनों और आम जनता की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश में आपदा जोखिम न्यूनीकरण को एक प्रमुख एजेंडा बनाया गया है। उत्तराखंड सरकार भी उन्हीं के मार्गदर्शन में आपदा प्रबंधन में आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दे रही है। राज्य में ड्रोन सर्विलांस, जीआईएस मैपिंग, सैटेलाइट मॉनिटरिंग एवं अर्ली वार्निंग सिस्टम को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेंसर लगाने, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम एवं आधुनिक रैपिड रिस्पॉन्स टीमों के गठन जैसे कदमों से आपदा जोखिम को घटाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य में हिमस्खलन (एवलांच) एक गंभीर प्राकृतिक जोखिम है। राज्य के कई क्षेत्र हिमस्खलन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माने जाते हैं। इन क्षेत्रों में पर्यटन, तीर्थाटन एवं पर्वतारोहण गतिविधियों को सुरक्षित बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार पूर्व चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने, आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग, प्रशिक्षित रेस्क्यू बलों की तैनाती तथा सुरक्षित पर्यटन प्रोटोकॉल को और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शीतलहर और अत्यधिक हिमपात से उत्पन्न चुनौतियों से प्रभावी रूप से निपटने के लिए भी राज्य में कई ठोस और व्यावहारिक कदम उठाए गए हैं। सभी जिलों को अर्ली वार्निंग सिस्टम से जोड़ा गया है और अलाव, रैन बसेरों तथा कंबलों की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश भी जिलाधिकारियों को दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन आपस में बेहतर तालमेल बनाए रखें और अर्ली वार्निंग सिस्टम को और अधिक सुदृढ़ करते हुए शीतलहर तथा हिमपात वाले क्षेत्रों में समय पर चेतावनी और आवश्यक तैयारियाँ सुनिश्चित करें। शीतलहर के दौरान हाइपोथर्मिया, जुकाम, फ्लू, निमोनिया जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए सभी जिला अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और मोबाइल मेडिकल टीमों को सक्रिय रखना होगा। विशेष रूप से सीमांत और ऊँचाई वाले क्षेत्रों में आवश्यक दवाइयों, हीटिंग उपकरणों एवं प्राथमिक उपचार सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए ‘युवा आपदा मित्र’ एवं ‘आपदा सखी’ जैसी पहल को और सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस कार्यशाला के माध्यम से शीत ऋतु के दौरान होने वाली संभावित चुनौतियों से निपटने की तैयारियों की समीक्षा तथा विभागों के मध्य समन्वय को मजबूत किया जाएगा।

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि राज्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि शीतलहर धीरे-धीरे अपना प्रभाव दिखाती है, परंतु इसका असर भयावह होता है। यह आमजन की स्वास्थ्य सेवाओं और विशेष रूप से संवेदनशील लोगों के जनजीवन को प्रभावित करती है। शीतलहर प्रबंधन को हमें केवल मौसमी प्रबंधन की चुनौती के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रशासनिक और सामाजिक दायित्व के रूप में देखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य में आपदा प्रबंधन को सशक्त, संगठित और नीति-आधारित स्वरूप देने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य राजेन्द्र सिंह, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन,आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो. ओबैदुल्लाह अंसारी एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top