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भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में विकास का रोडमैप तैयार, विकसित उत्तराखंड पर हुआ मंथन
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श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं श्रमिक- महाराज
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12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते से होगा मामलों का त्वरित निस्तारण
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पौड़ी में पशुपालन योजनाओं से 1,726 ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार, 8.64 करोड़ की सहायता
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15 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक आयोजित होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
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पौड़ी में राजस्व समीक्षा बैठक, पुराने वादों के शीघ्र निस्तारण और वसूली में तेजी के निर्देश
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नशे के खिलाफ सख्ती: संवेदनशील इलाकों की होगी GIS मैपिंग, पोस्त की खेती पर छापेमारी के निर्देश
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स्वच्छ एवं कचरा-मुक्त उत्तराखंड की दिशा में मजबूत पहल, नए नियमों के क्रियान्वयन पर जोर
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पेट दर्द और सूजन को न करें नजरअंदाज, उभार दिखे तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है हर्निया
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दिल्ली में पेड़ों की अवैध कटाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, DDA अधिकारियों पर जुर्माना और सख्त दिशानिर्देश जारी

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सड़क निर्माण और वनरोपण से जुड़ी सभी गतिविधियों में अदालत को सूचना देना जरूरी

वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन

नई दिल्ली।  सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के दक्षिणी रिज क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पेड़ों की अवैध कटाई को गंभीरता से लेते हुए डीडीए अधिकारियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने इस कार्रवाई को अवमानना की श्रेणी में रखा और स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण के नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने निर्देश दिया कि भविष्य में वृक्षारोपण, निर्माण कार्य या किसी भी प्रकार के पारिस्थितिक प्रभाव वाले फैसलों में अदालत के समक्ष लंबित मामलों का उल्लेख अनिवार्य होगा। सुप्रीम कोर्ट ने डीडीए और दिल्ली सरकार को सलाह देने के लिए एक तीन सदस्यीय समिति भी गठित की है, जो हरित क्षेत्र बढ़ाने और वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने पर सुझाव देगी।

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