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प्रोटीन या खाली कैलोरी? जानिए सोया चाप के बारे में ये जरूरी जानकारी

आजकल बाजार और रेस्टोरेंट में सोया चाप का क्रेज बढ़ता जा रहा है। शाकाहारी और जिम जाने वाले लोग इसे प्रोटीन का अच्छा स्रोत मानकर बड़ी चाव से खाते हैं। स्ट्रीट फूड हो या होम रेसिपी, हर जगह सोया चाप की लोकप्रियता बढ़ रही है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्यादातर बाजार में मिलने वाला सोया चाप आपके शरीर के लिए उतना फायदेमंद नहीं हो सकता, जितना आप सोचते हैं? असल में कई बार इसे बनाने में सोया की जगह मैदा और अन्य अनहेल्दी सामग्री ज्यादा मिलाई जाती है।

सोया चाप में प्रोटीन की मात्रा कितनी है?
सोया प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, यह सच है। लेकिन बाजार में तैयार होने वाले सोया चाप में अक्सर लागत कम करने के लिए ज्यादा मैदा और मिलावट होती है। कई जगहों पर मैदे की मात्रा सोया से भी ज्यादा होती है। इसलिए, जो आप प्रोटीन की उम्मीद में खा रहे हैं, वह असल में कार्ब्स और खाली कैलोरी हो सकती है।

मैदा के नुकसान
मैदा एक रिफाइंड कार्ब है, जिसमें फाइबर नहीं होता। यह जल्दी पचता है और ब्लड शुगर बढ़ा देता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए यह खतरनाक हो सकता है और स्वस्थ लोगों में भी वजन बढ़ाने और सूजन जैसी समस्याओं को बढ़ावा दे सकता है।

पकाने का तरीका और भी जोखिम भरा
सोया चाप को स्वादिष्ट बनाने के लिए इसे अक्सर डीप फ्राई किया जाता है और फिर भारी ग्रेवी में पकाया जाता है। इस प्रक्रिया में अनहेल्दी फैट और कैलोरी बढ़ जाती है, जिससे यह हेल्दी विकल्प के बजाय नुकसानदेह बन जाता है।

स्वस्थ विकल्प
अगर आप प्रोटीन लेना चाहते हैं, तो सोया चाप पर पूरी तरह निर्भर न रहें। इसके बजाय पनीर, टोफू, दालें, छोले, राजमा और सोयाबीन जैसे शुद्ध प्रोटीन स्रोत अपनाएं। ये विकल्प सेहत और पोषण दोनों के लिए बेहतर हैं।

(साभार)

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