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एक बार राहुल गांधी ने बेरोजगारी को बनाया हथियार, केंद्र सरकार पर जमकर साधा निशाना

नई दिल्ली। गुजरात के भरूच में एक केमिकल फर्म थर्मैक्स की कंपनी ने जॉब के लिए 10 वेकैंसी निकाली थीं. जिसके लिए इंटरव्यू रखा गया था. इस कंपनी को केमिकल इंजीनियरिंग में BE और ITI सर्टिफिकेट समेत कई योग्यता वाले उम्मीदवारों की जरूरत थी. इस कंपनी में शिफ्ट इंचार्ज, प्लांट ऑपरेटर, सुपरवाइजर, मैकेनिकल फिल्टर जैसे 10 पदों के लिए जगह निकाली थीं. जिसके बाद करीब 1800 लोग इस जॉब के लिए इंटरव्यू देने पहुंच गए।

इस घटना की वीडियो पूरे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. आपको बता दें कि कंपनी ने इन पदों के लिए होटल में वॉक-इन इंटरव्यू रखा था. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सैकड़ों लोग हॉटल के बाहार जमा हो गए और होटल के गेट से घुसने में जुट गए. भीड़ इतनी ज्यादा होती है कि होटल की सीढ़ीयों पर बनी स्टील की रेलिंग झुकने लगती है. जिसके बाद कई लोग झुकी रेलिंग पर खड़े हो जाते हैं. जिससे रेलिंग गिर जाती है और कई लोग नीचे भी गिर जाते हैं. हालांकि किसी को भी गंभीर चोट नहीं आती, क्योंकि रेलिंग जमीन से ज्यादा ऊंचाई पर नहीं थी. इस घटना की वीडियो सामने आते ही इस मामले ने राजनीतिक मोड अपना लिया. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय सरकार पर निशाना साधा।

कांग्रेस ने केंद्रीय सरकार पर निशाना साधते हुए इस घटना को बढ़ती बेरोजगारी और गुजरात सरकार के मॉडल की विफलता का सबूत बताया. हालांकि बीजेपी के एक सांसद ने इसका दोष कंपनी पर मढ़ दिया है.लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बेरोज़गारी की बीमारी’ भारत में महामारी का रूप ले चुकी है और भाजपा शासित राज्य इस बीमारी का ‘एपिसेंटर’ बन गए हैं. एक आम नौकरी के लिए कतारों में धक्के खाता ‘भारत का भविष्य’ ही नरेंद्र मोदी के ‘अमृतकाल’ की हकीकत है।

 

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