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जिलाधिकारी के निर्देश पर तीन दिन में हुआ भूमि का दाखिल-खारिज

एक वर्ष से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही महिला को मिला इंसाफ

देहरादून। ओगल भट्टा निवासी किरन देवी को लंबे समय से भूमि दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में आ रही परेशानियों से आखिरकार निजात मिल गई है। किरन देवी ने 01 अगस्त को जिलाधिकारी सविन बंसल से जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में मुलाकात कर अपनी फरियाद दर्ज कराई थी।

महिला ने बताया कि उनके पति अर्द्धसैनिक बल में कार्यरत हैं और उन्होंने जून 2024 में शीशमबाड़ा क्षेत्र में 0.00082 हेक्टेयर भूमि खरीदी थी। लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बावजूद भूमि का दाखिल-खारिज नहीं हो पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वकील, पीएनबी एजेंट और अन्य संबंधित लोग उन्हें बरगला रहे हैं और स्पष्ट जानकारी देने से बच रहे हैं।

जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसी दिन तहसीलदार विकासनगर से अद्यतन रिपोर्ट तलब की। निर्देशों के अनुपालन में मामले की वस्तुस्थिति की पुष्टि के बाद मात्र तीन दिनों में भूमि का दाखिल-खारिज प्रक्रिया पूर्ण कर किरन देवी के नाम भूमि अंकित कर दी गई।

किरन देवी ने जिलाधिकारी का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें अब जाकर न्याय मिला है, जब सभी दरवाजे बंद लग रहे थे तब जिलाधिकारी से ही अंतिम उम्मीद बची थी।

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