Breaking News
जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है- मुख्यमंत्री
​देवभूमि की शांति भंग करने वाले अपराधियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शेगी सरकार- कुसुम कण्डवाल
जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें- जिलाधिकारी
मंत्री गणेश जोशी ने टिहरी में चारधाम यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण, दिए गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश
2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी- मुख्यमंत्री
दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत
‘पेद्दी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, चार दिन में कमाए इतने करोड़ रूपए
ऋषिकेश में बदमाशों के साथ हुई पुलिस की मुठभेड़, दो अपराधी गोली लगने से घायल
न्याय की सार्थकता उसकी निष्पक्षता और समयबद्धता में निहित है- मुख्यमंत्री धामी

लिवर डिटॉक्स के लिए सबसे असरदार योगासन, पाएं प्राकृतिक हेल्थ बूस्ट

लिवर हमारे शरीर का ऐसा अंग है जो पाचन क्रिया, खून को शुद्ध करने और हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मुख्य भूमिका निभाता है। लेकिन आधुनिक जीवनशैली, फास्ट फूड, शराब और तनाव जैसी आदतें लिवर की सेहत को तेजी से प्रभावित करती हैं। लिवर के कमजोर होने पर थकान, अपच और कई गंभीर बीमारियां घेर सकती हैं। ऐसे में योगासन लिवर को डिटॉक्स करने और उसकी कार्यक्षमता बढ़ाने का एक सुरक्षित और प्राकृतिक उपाय है। रोजाना सिर्फ 10-15 मिनट योगाभ्यास करने से लिवर की सफाई, पाचन में सुधार और शरीर को ऊर्जा मिलती है।

1. भुजंगासन (Cobra Pose)
भुजंगासन करने से लिवर की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और खून का संचार तेज होता है। इससे लिवर पर जमा टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और पाचन बेहतर होता है। यह पेट की अतिरिक्त चर्बी कम करने, रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने के लिए भी लाभकारी है।

2. धनुरासन (Bow Pose)
इस आसन में शरीर धनुष जैसा दिखाई देता है। इसे करने से पेट और लिवर पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे पाचन और लिवर की कार्यक्षमता में सुधार होता है। यह लिवर को डिटॉक्स करने और फैट कम करने में मददगार है। साथ ही पैंक्रियाज को टोन करता है। रोजाना 15–20 सेकंड के 2 सेट करना पर्याप्त है।

3. अर्ध मत्स्येन्द्रासन (Half Spinal Twist Pose)
यह आसन लिवर और पाचन तंत्र के लिए बेहद फायदेमंद है। इससे शरीर में जमी अशुद्धियां बाहर निकलती हैं और इंसुलिन का स्राव संतुलित होता है। नियमित अभ्यास से लिवर और किडनी की कार्यक्षमता भी बढ़ती है। इसे सुबह खाली पेट करना सबसे उत्तम माना जाता है।

4. कपालभाति प्राणायाम
कपालभाति लिवर की शुद्धि के लिए बहुत असरदार प्राणायाम है। इससे रक्त शुद्ध होता है और लिवर की कोशिकाएं सक्रिय होती हैं। यह पेट की चर्बी कम करने, वजन नियंत्रित रखने और पाचन को दुरुस्त करने में मदद करता है।

संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और इन योगासनों का नियमित अभ्यास लिवर को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखता है।

(साभार)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top