Breaking News
जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जिलाधिकारी ने सुनीं 164 शिकायतें
गोलू देव और हरज्यू देव की लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान- रेखा आर्या
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अमर शहीद राइफलमैन मनोज राणा की 13वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विकसित उत्तराखंड की आधारशिला- मुख्यमंत्री
देहरादून में एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, 1.521 किलो कैटामाइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, मुख्यमंत्री ने बढ़ाया उत्साह
ज्योतिर्मयी नायक बनीं इंडियन आइडल 16 की विनर, जीती ट्रॉफी और 20 लाख रुपये
शांतिपूर्ण प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार- सुप्रीम कोर्ट
मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार तीसरी बार जीता स्वर्ण

हंस फाउंडेशन द्वारा प्राचीन मंदिर को क्षति पहुंचाने पर मंत्री ने दिये जांच के निर्देश

देहरादून। प्रदेश के धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तरकाशी जनपद में विकासखण्ड मोरी के अन्तर्गत सोमेश्वर महादेव के प्राचीन मन्दिर को हंस फाउंडेशन द्वारा क्षति पहुंचाने की मंदिर समिति की शिकायत का संज्ञान लेते हुए धर्मस्व सचिव को पूरे मामले की जांच के निर्देशित दिये हैं।

प्रदेश के पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तरकाशी जनपद में विकासखण्ड मोरी के अन्तर्गत सोमेश्वर महादेव के प्राचीन मन्दिर को हंस फाउंडेशन द्वारा क्षति पहुंचाने की मंदिर समिति की लिखित शिकायत का संज्ञान लेते हुए धर्मस्व सचिव को पूरे मामले की जांच कर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने धर्मस्व सचिव से कहा है कि जनभावनाओं के अनुरूप उक्त मन्दिर को क्षतिग्रस्त होने से बचाते हुए प्राचीन मंदिर के संरक्षण हेतु सभी तरह के उपाय किए जाएं।

ज्ञात हो कि सोमेश्वर महादेव मंदिर समिति के उपाध्यक्ष जयवीर सिह रावत और सह सचिव राम लाल विश्वकर्मा सहित कई लोगों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज से लिखित शिकायत कर कहा है कि जनपद उत्तरकाशी के ब्लाक मोरी के ग्राम पचायत जखोल में स्थित पौराणिक सोमेश्वर महादेव मंदिर 22 गांवों की आस्था का केन्द्र है। मंदिर में वर्ष 1861 से धरोहर के रुप में बहुत ही सुन्दर मूर्ति बनी है। यह मंदिर पांडव काल के समय से ही यथावत है। शिकायती पत्र में बाकायदा हंस फाउंडेशन का नाम लेते हुए मंदिर को कुछ गैर कानूनी संस्थाओं द्वारा नव निर्माण के नाम पर तोडे जाने की बात कहते हुए इसके संरक्षण की बात कही गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top