Breaking News
सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध जनभागीदारी से चलाना होगा प्रभावी अभियान- मुख्यमंत्री
सिर्फ हेल्दी खाना नहीं, सही समय पर खाना भी है जरूरी, जानिए पूरे दिन का परफेक्ट डाइट शेड्यूल
आपदा राहत कार्यों में तेजी लाएं, अवरुद्ध मार्गों को प्राथमिकता से खोलें- आयुक्त आनंद स्वरूप
‘जुमानजी: ओपन वर्ल्ड’ का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज, गेम के किरदार पहुंचे अब असली दुनिया में
उत्तराखंड के 19 लाख से अधिक मतदाताओं को चुनाव आयोग का नोटिस, गलत जानकारी पर होगी कार्रवाई
कांवड़ मेले को लेकर अलर्ट मोड पर दून पुलिस, ऋषिकेश में BDS का सघन चेकिंग अभियान
मतदाता सूची पुनरीक्षण की जमीनी पड़ताल को ग्राउंड जीरो पर उतरे डीएम
देहरादून में पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत फरार नशा तस्कर गिरफ्तार
सभी विभाग 24×7 अलर्ट मोड पर रहें- सीएम

2027 में कांग्रेस को जिताओ, गैरसैंण को बनाएंगे स्थायी राजधानी- पूर्व मुख्यमंत्री

गैरसैंण को लेकर हरीश रावत का बड़ा वादा

देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत ने गैरसैंण को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर जनता 2027 में कांग्रेस को सत्ता में लाती है, तो गैरसैंण को स्थायी राजधानी बना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में ही गैरसैंण में आधारभूत ढांचा विकसित किया गया था, जहां कभी रात में 20 लोग भी नहीं ठहर सकते थे, आज वहां 2500 लोगों के ठहरने की व्यवस्था हो चुकी है।

हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा, “जो लोग पूछते हैं कि मेरे पास मौका था तो राजधानी क्यों नहीं बनाई, उनसे कहना चाहता हूं कि 2027 में कांग्रेस को मौका दीजिए, गैरसैंण को राजधानी बना कर दिखाऊंगा।”

उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद राज्य को संकट से उबारने के साथ-साथ गैरसैंण के विकास पर भी काम हुआ। कांग्रेस सरकार ने भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन की आधारशिला रखी और 57 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर निर्माण कार्य शुरू कराया। यहां पांच हजार लोगों की आवासीय क्षमता का प्रोजेक्ट भी शुरू हुआ।

पूर्व मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए राज्य सरकार को गन्ना मूल्य पर घेरा। उन्होंने कहा कि पहले मूल्य निर्धारण में देरी होती थी, लेकिन इस बार तो सरकार ने अब तक पिछली फसल का ही रेट तय नहीं किया है। उन्होंने चेताया कि बरसात के बाद गन्ने की कटाई शुरू हो जाएगी, लेकिन किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा।

उन्होंने बताया कि सरकार चीनी मिलों को पुराने रेट पर भुगतान करने का निर्देश दे रही है, जबकि किसान 450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान की मांग कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top