Breaking News
देहरादून के विकास का नया ब्लूप्रिंट, 968 करोड़ के बजट से शहर को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
मुख्यमंत्री धामी ने प्रसिद्ध अभिनेत्री एवं लोकसभा सांसद हेमा मालिनी से की शिष्टाचार भेंट
“पौड़ी प्रगति पोर्टल” का विधिवत शुभारंभ, विकास कार्यों की निगरानी होगी अब डिजिटल
आंखों में जलन-खुजली से परेशान हैं? जानिए कारण और बचाव के उपाय
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से की मुलाकात
महिलाएं लेकर रहेगी अपना अधिकार- रेखा आर्या
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने हाईस्कूल परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल करने पर साक्षी को किया सम्मानित
ईरान का नया दांव: अमेरिका से वार्ता के लिए तीन-चरणीय फॉर्मूला पेश
‘स्पाइडर नोयर’ का ट्रेलर रिलीज, 27 मई को प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होगी सीरीज

जानिए बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने से इनकार के बाद क्या बोले सीएम नीतीश कुमार

पटना। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने से केंद्र के इनकार के फैसले पर नीतीश कुमार ने प्रतिक्रिया दी है. बिहार के सीएम नीतीश कुमार से जब विशेष राज्य के दर्जे को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘सब कुछ धीरे-धीरे जान जाइएगा.’ बिहार विधानसभा परिसर में मीडियाकर्मियों के इस संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब में केवल इतना कहकर नीतीश ने मुस्कुरा दिया और सदन में चले गए. ज्ञात हो कि लोकसभा चुनावों में बहुमत से चूकने के बाद भाजपा सहयोगी दलों पर काफी निर्भर हो गई थी. जदयू ने एक राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की थी, जिसमें विशेष दर्जे की नई मांग को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया गया था।

केंद्र सरकार में 2 मंत्रियों वाले जनता दल (यू) के नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि प्रस्ताव में ‘विशेष पैकेज और अन्य प्रकार की सहायता’ की भी बात कही गई है और बिहार को नरेंद्र मोदी सरकार से अभी भी बहुत कुछ मिल सकता है. हालांकि राज्य में विपक्षी नेताओं को लगता है कि बिहार को धोखा दिया गया है. नीतीश के कट्टर प्रतिद्वंद्वी और RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद का मानना है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने से केंद्र सरकार के इंकार के बाद JDU सुप्रीमो को इस्तीफा दे देना चाहिए।

बता दें कि केंद्रीय बजट में बिहार के लिए कई बड़े ऐलान किये गए हैं. इनमें राज्य में अलग-अलग सड़क परियोजनाओं के लिए 26,000 करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रस्ताव किया गया और नए हवाई अड्डों तथा खेल बुनियादी ढांचे के लिए योजनाओं की रूपरेखा पेश की गई. सरकार बाढ़ से निपटने के लिए राज्य को 11,500 करोड़ रुपये उपलब्ध कराएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top