Breaking News
घोलतीर के पास हाईवे पर पलटी कार, रुद्रप्रयाग पुलिस ने चालक को निकाला सुरक्षित बाहर
धारी देवी मंदिर परिसर को आकर्षक वॉल वॉशर लाइटिंग से सजाया गया, रात में दिखेगा मनमोहक दृश्य
मुख्यमंत्री धामी ने जनसुविधाओं और विकास कार्यों के लिए 44.64 करोड़ रुपये की दी मंजूरी
टीआरपी लिस्ट में फिर नंबर वन बना ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’, ‘अनुपमा’ दूसरे स्थान पर
प्रशासन को जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग के विरुद्ध सख्ती से कार्यवाही करनी चाहिए- ऋतु खण्डूडी भूषण
मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर कर पेश किया गया- महाराज
जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार”- बड़ोलीबड़ी में बहुउद्देशीय शिविर सम्पन्न, 106 ग्रामीण हुए लाभान्वित
खेल विश्वविद्यालय के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी, 8.57 करोड़ रुपये स्वीकृत
हाई ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ा सकते हैं किडनी रोग का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

जानिए बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने से इनकार के बाद क्या बोले सीएम नीतीश कुमार

पटना। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने से केंद्र के इनकार के फैसले पर नीतीश कुमार ने प्रतिक्रिया दी है. बिहार के सीएम नीतीश कुमार से जब विशेष राज्य के दर्जे को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘सब कुछ धीरे-धीरे जान जाइएगा.’ बिहार विधानसभा परिसर में मीडियाकर्मियों के इस संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब में केवल इतना कहकर नीतीश ने मुस्कुरा दिया और सदन में चले गए. ज्ञात हो कि लोकसभा चुनावों में बहुमत से चूकने के बाद भाजपा सहयोगी दलों पर काफी निर्भर हो गई थी. जदयू ने एक राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की थी, जिसमें विशेष दर्जे की नई मांग को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया गया था।

केंद्र सरकार में 2 मंत्रियों वाले जनता दल (यू) के नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि प्रस्ताव में ‘विशेष पैकेज और अन्य प्रकार की सहायता’ की भी बात कही गई है और बिहार को नरेंद्र मोदी सरकार से अभी भी बहुत कुछ मिल सकता है. हालांकि राज्य में विपक्षी नेताओं को लगता है कि बिहार को धोखा दिया गया है. नीतीश के कट्टर प्रतिद्वंद्वी और RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद का मानना है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने से केंद्र सरकार के इंकार के बाद JDU सुप्रीमो को इस्तीफा दे देना चाहिए।

बता दें कि केंद्रीय बजट में बिहार के लिए कई बड़े ऐलान किये गए हैं. इनमें राज्य में अलग-अलग सड़क परियोजनाओं के लिए 26,000 करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रस्ताव किया गया और नए हवाई अड्डों तथा खेल बुनियादी ढांचे के लिए योजनाओं की रूपरेखा पेश की गई. सरकार बाढ़ से निपटने के लिए राज्य को 11,500 करोड़ रुपये उपलब्ध कराएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top