Breaking News
नियमों को ताक पर रखकर हो रहा था निर्माण, एमडीडीए ने की सीलिंग
नियमों को ताक पर रखकर हो रहा था निर्माण, एमडीडीए ने की सीलिंग
विरासत अभियान से हजारों लोगों को राहत, 4,943 संपत्ति नामांतरण प्रकरणों का हुआ निस्तारण
विरासत अभियान से हजारों लोगों को राहत, 4,943 संपत्ति नामांतरण प्रकरणों का हुआ निस्तारण
उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं को गति: व्यय वित्त समिति ने पांच प्रस्तावों को दी मंजूरी
उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं को गति: व्यय वित्त समिति ने पांच प्रस्तावों को दी मंजूरी
आज पांच जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट, सचिव आपदा प्रबंधन ने बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की
आज पांच जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट, सचिव आपदा प्रबंधन ने बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में यूपीसीएल एवं पिटकुल की समीक्षा बैठक आयोजित, वित्तीय स्थिति में सुधार और लंबित देनदारियों के भुगतान में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में यूपीसीएल एवं पिटकुल की समीक्षा बैठक आयोजित, वित्तीय स्थिति में सुधार और लंबित देनदारियों के भुगतान में तेजी लाने के निर्देश
युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में धामी सरकार का बड़ा कदम, 1818 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू
युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में धामी सरकार का बड़ा कदम, 1818 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धर्मपत्नी गीता धामी के साथ मनाया करवाचौथ पर्व
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धर्मपत्नी गीता धामी के साथ मनाया करवाचौथ पर्व
एकता का संदेश लेकर दौड़ेंगे पौड़ीवासी, 31 अक्टूबर को होगा रन फॉर यूनिटी का आयोजन
एकता का संदेश लेकर दौड़ेंगे पौड़ीवासी, 31 अक्टूबर को होगा रन फॉर यूनिटी का आयोजन
मतदेय स्थलों के युक्तिकरण पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक, 22 प्रस्तावों पर बनी सहमति
मतदेय स्थलों के युक्तिकरण पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक, 22 प्रस्तावों पर बनी सहमति

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी समुदाय का अपमान करना स्वीकार्य नहीं- सुप्रीम कोर्ट

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी समुदाय का अपमान करना स्वीकार्य नहीं- सुप्रीम कोर्ट

घूसखोर पंडित विवाद पर सुनवाई, शीर्षक बदलने के बाद मामला खत्म  

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी समुदाय का अपमान या उसे बदनाम करना स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने कहा कि भाषण, मीम, कार्टून या किसी भी प्रकार की दृश्य कला के जरिए किसी वर्ग को नीचा दिखाना संविधान की भावना के खिलाफ है।

यह टिप्पणी घूसखोर पंडत फिल्म के शीर्षक को लेकर दायर याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आई। न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां ने अपने अलग मत में कहा कि विशेष रूप से संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को अधिक जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए और धर्म, जाति, भाषा या क्षेत्र के आधार पर किसी समुदाय को निशाना बनाना संविधान का उल्लंघन है।

इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति भुइयां और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की पीठ ने की। निर्माताओं द्वारा फिल्म का शीर्षक बदलने के बाद अदालत ने मामले का निस्तारण कर दिया। हालांकि औपचारिक आदेश की आवश्यकता नहीं थी, फिर भी अदालत ने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाएं भी तय हैं और बंधुता का सिद्धांत सर्वोपरि है।

इस दौरान अदालत ने हाल के विवादों का भी अप्रत्यक्ष रूप से उल्लेख किया, जिनमें हिमंत बिस्वा सरमा से जुड़ा मामला भी शामिल है। शीर्ष अदालत पहले ही इस संबंध में दायर याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार करते हुए पक्षकारों को उच्च न्यायालय जाने की सलाह दे चुकी है।

अदालत ने दो टूक कहा कि किसी भी माध्यम से किसी समुदाय को अपमानित करना असंवैधानिक है और यह सिद्धांत खास तौर पर उन लोगों पर लागू होता है जो सार्वजनिक पदों पर रहते हुए संविधान की रक्षा की शपथ लेते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top