Breaking News
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से भूतपूर्व सैनिक के एक प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
समर्पण और उद्देश्य की भावना के साथ अपने पेशेवर कर्तव्यों को निभाएं- उपराष्ट्रपति
टिहरी में दर्दनाक सड़क हादसा: गहरी खाई में गिरा यूटिलिटी वाहन, 8 की मौत
आईपीएल 2026- मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मुकाबला आज
यात्रा व्यवस्था में लगे कर्मचारी, अधिकारी “अतिथि देवो भव:” की भावना से कार्य करें- महाराज
गुलदार के हमले में बुजुर्ग महिला की मौत, झाड़ियों में मिला शव
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत

खांसी-जुकाम जैसी समस्याओं से पाना चाहते हैं राहत, तो इन योगासनों का करें अभ्यास

सर्दियों के मौसम में जब तापमान गिरता है, तो सबसे ज्यादा असर हमारे गले और फेफड़ों पर पड़ता है। बार-बार होने वाली खांसी और जुकाम शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने का संकेत हैं। दवाइयां अस्थायी राहत देती हैं, लेकिन योगासन शरीर को भीतर से मजबूत और रोग प्रतिरोधक बनाते हैं।

योग न केवल सांस की नलियों को खोलता है, बल्कि शरीर में ऑक्सीजन का संचार बढ़ाकर फेफड़ों की क्षमता भी बढ़ाता है। सर्दियों में यदि आप नियमित रूप से कुछ खास योगासन और प्राणायाम करें, तो खांसी-जुकाम जैसी समस्याओं से स्थायी राहत मिल सकती है।

1. अनुलोम-विलोम प्राणायाम

यह श्वास अभ्यास सबसे प्रभावी माना जाता है। यह फेफड़ों को शुद्ध करता है और ठंडी हवा से होने वाली जकड़न को कम करता है। नाक बंद होना, साइनस और कफ की समस्या में यह तुरंत राहत देता है।

2. कपालभाति प्राणायाम

कपालभाति फेफड़ों से बलगम निकालता है और श्वसन तंत्र को साफ रखता है। इसके नियमित अभ्यास से फेफड़ों की शक्ति बढ़ती है और ऑक्सीजन का स्तर भी सुधरता है।

3. भ्रामरी प्राणायाम

भ्रामरी प्राणायाम से मानसिक शांति मिलती है और सर्दी-खांसी से जुड़ी बेचैनी कम होती है। यह नाक और गले की जकड़न में तुरंत राहत देता है।

4. सेतुबंधासन

सेतुबंधासन फेफड़ों और छाती के क्षेत्र को खोलता है और सांस लेने की प्रक्रिया आसान बनाता है। इसके नियमित अभ्यास से ठंड के मौसम में सांस की समस्या और खांसी में राहत मिलती है।

5. अर्ध मत्स्येन्द्रासन

यह आसन शरीर की ऊर्जा संतुलित करता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। शरीर में गर्मी बढ़ाकर यह संक्रमण से बचाव करता है।

(साभार)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top