Breaking News
इस आसान घरेलू ड्रिंक से पाएं सिरदर्द से राहत, जानें बनाने की विधि
सिक्किम के लोगों ने अपने व्यवहार और देशप्रेम से जीता पूरे देश का दिल- पीएम मोदी
माइकल जैक्सन की बायोपिक ‘माइकल’ ने मचाया धमाल, वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर तोड़े रिकॉर्ड
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने शिक्षाविद ललित मोहन जोशी को किया सम्मानित
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने चयनित 44 कनिष्ठ सहायकों को सौंपे नियुक्ति पत्र
देहरादून के विकास का नया ब्लूप्रिंट, 968 करोड़ के बजट से शहर को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
मुख्यमंत्री धामी ने प्रसिद्ध अभिनेत्री एवं लोकसभा सांसद हेमा मालिनी से की शिष्टाचार भेंट
“पौड़ी प्रगति पोर्टल” का विधिवत शुभारंभ, विकास कार्यों की निगरानी होगी अब डिजिटल
आंखों में जलन-खुजली से परेशान हैं? जानिए कारण और बचाव के उपाय

हरियाणा चुनाव- कांग्रेस ने 13 बागी नेताओं को पार्टी से 6 साल के लिए निकाला

चंड़ीगढ़। हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। 5 अक्टूबर को राज्य की सभी 90 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, और 8 अक्टूबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी का दावा कर रही है, जबकि कांग्रेस भी सरकार बनाने की पूरी कोशिश में जुटी हुई है।

इस बीच, कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल 13 बागी नेताओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। ये नेता पार्टी उम्मीदवारों के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे थे।

13 नेताओं पर कार्रवाई
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी पत्र में कहा गया, “पार्टी लाइन के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले 13 नेताओं को 6 साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया है।” इससे पहले, अंबाला कैंट से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाली चित्रा सरवारा को भी पार्टी ने इसी आधार पर निलंबित कर दिया था।

चित्रा सरवारा पर भी गिरी गाज
अंबाला कैंट से कांग्रेस की दावेदार मानी जा रहीं चित्रा सरवारा को पार्टी ने टिकट नहीं दिया था। इसके बाद उन्होंने BJP के वरिष्ठ नेता अनिल विज के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा दाखिल किया। कांग्रेस ने इसे पार्टी नीति का उल्लंघन मानते हुए उन्हें भी 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया था।

चित्रा सरवारा, पूर्व मंत्री निर्मल सिंह की बेटी हैं, और पिछले विधानसभा चुनाव में भी निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ चुकी हैं, जिसमें उन्हें अनिल विज से हार का सामना करना पड़ा था।

कांग्रेस की इस कड़ी कार्रवाई से स्पष्ट है कि पार्टी भीतर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, खासकर चुनावी माहौल में जब सत्ता के लिए मुकाबला कड़ा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top