Breaking News
पौधे नहीं, भविष्य की हरियाली तैयार कर रहा एमडीडीए
पौधे नहीं, भविष्य की हरियाली तैयार कर रहा एमडीडीए
शिक्षक केवल विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है- मुख्यमंत्री
शिक्षक केवल विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है- मुख्यमंत्री
दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों को मिलेगा सम्मान
दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों को मिलेगा सम्मान
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री से की शिष्टाचार भेंट
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री से की शिष्टाचार भेंट
बीरोंखाल में श्रमिक पंजीकरण शिविर, सैकड़ों श्रमिकों ने लिया हिस्सा
बीरोंखाल में श्रमिक पंजीकरण शिविर, सैकड़ों श्रमिकों ने लिया हिस्सा
जल एवं मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
जल एवं मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
देहरादून-मसूरी मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास गहरी खाई में मिला व्यक्ति का शव
देहरादून-मसूरी मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास गहरी खाई में मिला व्यक्ति का शव
‘मिर्जापुर द मूवी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया तहलका, 4 दिनों में पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा
‘मिर्जापुर द मूवी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया तहलका, 4 दिनों में पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा
मुख्यमंत्री धामी से मिले नन्हे पर्वतारोही रियांश पंत और प्रिशा रावत
मुख्यमंत्री धामी से मिले नन्हे पर्वतारोही रियांश पंत और प्रिशा रावत

प्रसिद्ध हास्य कलाकार घनानंद उर्फ घन्ना भाई को राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

प्रसिद्ध हास्य कलाकार घनानंद उर्फ घन्ना भाई को राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

मुख्यमंत्री के निर्देश पर अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया संपन्न 

हरिद्वार। प्रसिद्ध हास्य कलाकार घनानंद भाई का बुधवार को हरिद्वार में खड़खड़ी घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ संपन्न किया गया। इस मौके पर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत व कला- संस्कृति क्षेत्र से जुड़ी हस्तियां मौजूद थीं।

पौड़ी गढ़वाल की गगवाडस्यूँ घाटी में जन्में घनानंद उर्फ घन्ना भाई गढ़वाल के लोक संस्कृति व भाषा के ध्वज्वाहकों में से एक थे। सरकारी सेवा से वीआरएस लेने के बाद घन्ना भाई ने वर्ष 2012 में भाजपा के निशान के साथ पौड़ी विस् निर्वाचन क्षेत्र से राजनीति में जाने का असफल प्रयास भी किया था। किंतु इसके पश्चात घन्ना भाई ने राज्य सरकार की लोक संस्कृति परिषद में बतौर उपाध्यक्ष अपना योगदान भी दिया। आजीवन लोक कला , संस्कृति व भाषा के लिए समर्पित रहे घन्ना भाई के देहांत से गढ़वाल की लोक कला के क्षेत्र में एक शून्यता छा गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top