Breaking News
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने गिनाई 12 साल की उपलब्धियां
अक्षय-परेश-सुनील की तिकड़ी फिर करेगी धमाल, रिलीज हुआ ‘वेलकम टू द जंगल’ का ट्रेलर
जसपाल राणा का निधन खेल जगत और पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति- मुख्यमंत्री
जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को मिलेगा निःशुल्क उपचार
मोदी सरकार ने बदली राजनीति की रीति नीति- रेखा आर्या
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के देहरादून दौरे को लेकर सुरक्षा चाक-चौबंद, शहर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू
SDRF की त्वरित कार्रवाई, नदी किनारे पत्थरों में फंसे व्यक्ति का किया सफल रेस्क्यू
प्रसिद्ध निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का निधन, खेल जगत में शोक की लहर
अवैध प्लॉटिंग और रियल एस्टेट अनियमितताओं पर कसेगा शिकंजा, रेरा में बड़े सुधारों की तैयारी

दून संस्कृति स्कूल ने कक्षा 4 से 10 तक के छात्रों के लिए गीता को नियमित पाठ्यक्रम में किया शामिल

गणित, हिंदी और अंग्रेजी की तरह हर दिन होगी गीता की क्लास

देहरादून। प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल के तहत झाझरा स्थित जनजातीय विद्यालय ने अपने नियमित पाठ्यक्रम में श्रीमद्भागवत गीता को शामिल कर दिया है। यह पहला मौका है जब किसी जनजातीय स्कूल में गीता को गणित, हिंदी और अंग्रेजी की तरह एक अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन ने इसे बच्चों में नैतिक मूल्यों और भारतीय सांस्कृतिक जड़ों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

दून संस्कृति स्कूल, झाझरा में कक्षा चार से दसवीं तक के छात्रों के लिए गीता पाठ को पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बनाया गया है। इसके लिए पौंधा गुरुकुल के आचार्य अंकित आर्य को बतौर प्रशिक्षक नियुक्त किया गया है। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गीता को सम्मानपूर्वक प्रस्तुत करने और रूस के राष्ट्रपति पुतिन को गीता भेंट करने से प्रेरित होकर यह निर्णय लिया गया।

पूर्व सांसद तरुण विजय ने विद्यालय की इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर लागू किए जाने योग्य बताते हुए सभी स्कूलों में नियमित रूप से गीता शिक्षण को शामिल किए जाने की अपील की है। इस अभियान में आर्य समाज मंदिर धामावाला के प्रधान सुधीर गुलाटी का भी सहयोग रहा।

विद्यालय में शनिवार से गीता कक्षा का औपचारिक शुभारंभ हो चुका है। अब प्रतिदिन गणित, हिंदी और अंग्रेजी की तरह ही गीता का एक पीरियड लगाया जाएगा। इस जनजातीय स्कूल में उत्तर-पूर्वी राज्यों—नागालैंड, मणिपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं, जो अब इस नए पाठ्यक्रम के माध्यम से भारतीय ग्रंथों से भी परिचित होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top