Breaking News
पौधे नहीं, भविष्य की हरियाली तैयार कर रहा एमडीडीए
पौधे नहीं, भविष्य की हरियाली तैयार कर रहा एमडीडीए
शिक्षक केवल विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है- मुख्यमंत्री
शिक्षक केवल विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है- मुख्यमंत्री
दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों को मिलेगा सम्मान
दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों को मिलेगा सम्मान
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री से की शिष्टाचार भेंट
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री से की शिष्टाचार भेंट
बीरोंखाल में श्रमिक पंजीकरण शिविर, सैकड़ों श्रमिकों ने लिया हिस्सा
बीरोंखाल में श्रमिक पंजीकरण शिविर, सैकड़ों श्रमिकों ने लिया हिस्सा
जल एवं मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
जल एवं मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
देहरादून-मसूरी मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास गहरी खाई में मिला व्यक्ति का शव
देहरादून-मसूरी मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास गहरी खाई में मिला व्यक्ति का शव
‘मिर्जापुर द मूवी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया तहलका, 4 दिनों में पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा
‘मिर्जापुर द मूवी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया तहलका, 4 दिनों में पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा
मुख्यमंत्री धामी से मिले नन्हे पर्वतारोही रियांश पंत और प्रिशा रावत
मुख्यमंत्री धामी से मिले नन्हे पर्वतारोही रियांश पंत और प्रिशा रावत

गिफ्ट डीड की शर्तें तोड़ने पर डीएम ने पुत्र से संपत्ति वापस लेकर माता-पिता को दिलाया न्याय

गिफ्ट डीड की शर्तें तोड़ने पर डीएम ने पुत्र से संपत्ति वापस लेकर माता-पिता को दिलाया न्याय

बुजुर्ग दंपत्ति को 3080 वर्ग फुट की संपत्ति मिली वापस, डीएम अदालत से मिला त्वरित न्याय

देहरादून — जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने एक बार फिर असहायों को त्वरित न्याय दिलाकर प्रशासनिक संवेदनशीलता का परिचय दिया है। गिफ्ट डीड की शर्तों का उल्लंघन करने पर डीएम न्यायालय ने बुजुर्ग दंपत्ति की संपत्ति वापस उनके नाम करते हुए पुत्र को बड़ा झटका दिया है।

प्रकरण के अनुसार, बुजुर्ग परमजीत सिंह ने अपनी 3080 वर्ग फुट की संपत्ति, जिसमें दो बड़े हॉल शामिल हैं, गिफ्ट डीड के माध्यम से अपने पुत्र गुरविंदर सिंह के नाम कर दी थी। डीड की शर्तों के तहत गुरविंदर सिंह को अपने माता-पिता का भरण-पोषण करने, उनके साथ निवास करने और पोते-पोती को दादा-दादी से मिलने से न रोकने का वादा किया गया था।

हालांकि, संपत्ति अपने नाम होते ही पुत्र ने बुजुर्ग माता-पिता से न केवल दूरी बना ली, बल्कि बच्चों को भी दादा-दादी से मिलने से रोक दिया। निराश और उपेक्षित बुजुर्ग दंपत्ति ने न्याय के लिए जिलाधिकारी की शरण ली।

जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में मामले की विधिवत सुनवाई की गई। विपक्षी गुरविंदर सिंह को कई बार नोटिस भेजे गए और सार्वजनिक विज्ञप्तियों के माध्यम से भी सूचना दी गई, परंतु उनकी ओर से कोई आपत्ति दाखिल नहीं की गई और न ही वे न्यायालय में उपस्थित हुए।

प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं और पर्याप्त अवसर के उपरांत, जिलाधिकारी सविन बंसल ने गिफ्ट डीड को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया और पूरी 3080 वर्ग फुट की संपत्ति पुनः बुजुर्ग परमजीत सिंह और उनकी पत्नी अमरजीत कौर के नाम कर दी।

इस फैसले के बाद जिला अधिकारी न्यायालय में ही बुजुर्ग दंपत्ति की आंखों से आंसू छलक पड़े। वर्षों की उपेक्षा और थानों, तहसीलों व अधीनस्थ अदालतों की दौड़ के बाद उन्हें पहली बार त्वरित न्याय मिला।

डीएम बंसल ने “भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम” की विशेष शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निर्णय सुनाया। इस फैसले से एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया कि जिला प्रशासन समाज में कमजोर वर्गों की सहायता के लिए सजग और सक्रिय है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top