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मैक्सिको में तबाही का मंजर, बाढ़ और भूस्खलन से पूरा गांव हुआ गायब, 64 लोगों की मौत

सेना और बचाव दल दिन-रात राहत कार्य में जुटे, कई इलाकों का संपर्क टूटा

मैक्सिको सिटी। मैक्सिको इन दिनों भीषण आपदा से जूझ रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने देश के कई हिस्सों को तबाह कर दिया है। हालात इतने भयावह हैं कि बाढ़ की चपेट में आकर 400 लोगों का एक पूरा गांव मानो नक्शे से मिट गया है। सैकड़ों लोग अब भी ऊंचे इलाकों में फंसे हुए हैं, जबकि बचाव टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हैं।

मैक्सिको सरकार के मुताबिक, बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 64 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग लापता हैं। सेना और नागरिक बचाव दलों की टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हैं। सड़कों के ध्वस्त होने और संचार व्यवस्था ठप पड़ने से कई इलाके पूरी तरह से बाहरी संपर्क से कट गए हैं।

आपदा के बाद बचे लोगों की आंखों में तबाही के मंजर ताज़ा हैं। एक पीड़ित महिला ने बताया, “कुछ भी नहीं बचा, हमारे घर, सड़कें और पुल सबकुछ पानी में बह गए हैं।”

अधिकारियों का कहना है कि देश के पश्चिमी हिस्सों में दो उष्णकटिबंधीय तूफानों के टकराने से यह भारी तबाही हुई। नदियों में जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन लगातार हो रहा है। राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता प्रभावित इलाकों तक पहुंच बनाना और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना है।

सबसे अधिक प्रभावित राज्य:

वेराक्रूज, हिडाल्गो और पुएबला राज्य सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

वेराक्रूज में 29 लोगों की मौत हुई है और करीब 3 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

हिडाल्गो में करीब 1 लाख घर तबाह हो चुके हैं।

चार दिनों में यहां 24 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

सेना के हजारों जवान राहत सामग्री लेकर दूरदराज के इलाकों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, जहां तक पहुंचने के लिए उन्हें कई बार 6 से 7 घंटे तक पैदल चलना पड़ रहा है। कई स्थानीय लोग खुद ही राहत कार्यों में जुटे हैं, जबकि विदेशों में बसे रिश्तेदार निजी हेलीकॉप्टरों के ज़रिए अपने परिजनों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

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