Breaking News
जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है- मुख्यमंत्री
​देवभूमि की शांति भंग करने वाले अपराधियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शेगी सरकार- कुसुम कण्डवाल
जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें- जिलाधिकारी
मंत्री गणेश जोशी ने टिहरी में चारधाम यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण, दिए गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश
2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी- मुख्यमंत्री
दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत
‘पेद्दी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, चार दिन में कमाए इतने करोड़ रूपए
ऋषिकेश में बदमाशों के साथ हुई पुलिस की मुठभेड़, दो अपराधी गोली लगने से घायल
न्याय की सार्थकता उसकी निष्पक्षता और समयबद्धता में निहित है- मुख्यमंत्री धामी

हरिद्वार ले जाया गया शहीद मेजर प्रणय नेगी का पार्थिव शरीर, नम आंखों से दी गई श्रद्धांजलि

कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल समेत तमाम दिग्गजों ने शहीद मेजर को दी श्रद्धांजलि

देहरादून। शहीद मेजर प्रणय नेगी का पार्थिव शरीर उनके घर भनियाववाला पहुंचते ही परिजन बिलख पड़े। इस दौरान सैकड़ों लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला सहित ग्रामीणों ने नम आंखों से दी शहीद मेजर को श्रद्धांजलि। शहीद मेजर प्रणय नेगी का पार्थिव शरीर हरिद्वार ले जाया गया। देहरादून जिले के भानियावाला के संगतियावाला गांव निवासी एक मेजर लेह में हाई एटीट्यूड पर ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे। मेजर के शहीद होने की खबर सुनकर परिवार में कोहराम मच गया।

18 आर्टिलरी बटालियन में तैनात सुदर्शन नेगी के बेटे मेजर प्रणव नेगी (36) लेह में ड्यूटी पर थे। मंगलवार सुबह सेना मुख्यालय से मेजर प्रणव के परिजनों को सूचना मिली कि स्वास्थ्य खराब होने से वह शहीद हो गए हैं। मेजर के शहीद होने की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मेजर के रिश्तेदारों और आसपास के लोगों ने शहीद मेजर के घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी। शहीद मेजर तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। तीन साल पहले ही मेजर की शादी हुई थी। उनका डेढ़ साल का एक बेटा है।

चाचा नरेंद्र नेगी के मुताबिक, लेह में हाई एटीट्यूड में तैनाती के दौरान ऑक्सीजन की कमी से स्वास्थ्य बिगड़ने पर मेजर शहीद हो गए थे। प्रणव नेगी 2013 में आईएमए से पासआउट होकर सेना में लेफ्टिनेंट बने थे। वो मूल रूप से थाती डांगर गांव कीर्तिनगर टिहरी के रहने वाले थे। मेजर प्रणव के दादा भी फौज में थे, जबकि पिता ने होटल लाइन में नौकरी कर तीनों बच्चों को मसूरी के प्रतिष्ठित स्कूलों से शिक्षा दिलाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top