Breaking News
जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है- मुख्यमंत्री
​देवभूमि की शांति भंग करने वाले अपराधियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शेगी सरकार- कुसुम कण्डवाल
जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें- जिलाधिकारी
मंत्री गणेश जोशी ने टिहरी में चारधाम यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण, दिए गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश
2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी- मुख्यमंत्री
दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत
‘पेद्दी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, चार दिन में कमाए इतने करोड़ रूपए
ऋषिकेश में बदमाशों के साथ हुई पुलिस की मुठभेड़, दो अपराधी गोली लगने से घायल
न्याय की सार्थकता उसकी निष्पक्षता और समयबद्धता में निहित है- मुख्यमंत्री धामी

छह माह की गर्भवती महिला से दुष्कर्म का मामला- महिला आयोग सख्त, अध्यक्ष ने स्वतः लिया संज्ञान 

महिलाओं के साथ इस प्रकार के कुकृत्य करने वालों को बिल्कुल नहीं बख्शा जाएगा- कुसुम कण्डवाल

राजस्व पुलिस से रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर के निर्देश, दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश

देहरादून/चकराता। चकराता क्षेत्र में छह माह की गर्भवती महिला के साथ दुष्कर्म की घटना की जानकारी मिलने पर उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने स्वतः संज्ञान लेते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया है। अनुसूचित जाति की पीड़िता ने गांव के ही युवक पर सार्वजनिक शौचालय में जबरन ले जाकर दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगाया है।

घटना पर अध्यक्ष कण्डवाल ने कहा कि यह अत्यंत दुखद और निन्दनीय मामला है। इस प्रकार की संवेदनशील घटना समाज को झकझोरने वाली है और आरोपियों की घटिया तथा निकृष्ट मानसिकता को दर्शाती है। गर्भवती महिला के साथ इस तरह का कुकृत्य महिला अस्मिता पर सीधा प्रहार है।

संज्ञान लेने के तुरंत बाद अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने उपजिलाधिकारी चकराता क्षेत्र प्रेम लाल को फोन पर वार्ता के क्रम में निर्देशित किया कि यह मामला राजस्व पुलिस से तत्काल रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर किया जाए, जिससे निष्पक्ष, त्वरित और प्रभावी जांच सुनिश्चित हो सके। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून को भी मामले में गंभीर, ठोस और कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा है।

इसके अतिरिक्त, अध्यक्ष ने एसपी देहात देहरादून पंकज गैरोला को भी वार्ता करते हुये स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मामला रेगुलर पुलिस के पास आते ही त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए एवम आरोपी से किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा “यह मामला किसी भी जाति से पहले महिला की अस्मिता पर आंच और असुरक्षा का है। आयोग महिलाओं के साथ इस प्रकार के कुकृत्य करने वालों को बिल्कुल नहीं बख्शेगा। दोषियों पर कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा पीड़िता को उचित से उचित चिकित्सा उपचार तत्काल उपलब्ध कराया जाए। गर्भावस्था को देखते हुए उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति पर विशेष ध्यान देने के आदेश जारी किए गए हैं। महिला आयोग ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। पीड़िता को हर संभव न्याय दिलाया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top