Breaking News
जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है- मुख्यमंत्री
​देवभूमि की शांति भंग करने वाले अपराधियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शेगी सरकार- कुसुम कण्डवाल
जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें- जिलाधिकारी
मंत्री गणेश जोशी ने टिहरी में चारधाम यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण, दिए गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश
2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी- मुख्यमंत्री
दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत
‘पेद्दी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, चार दिन में कमाए इतने करोड़ रूपए
ऋषिकेश में बदमाशों के साथ हुई पुलिस की मुठभेड़, दो अपराधी गोली लगने से घायल
न्याय की सार्थकता उसकी निष्पक्षता और समयबद्धता में निहित है- मुख्यमंत्री धामी

उत्तराखंड में शिक्षा विभाग का बड़ा फेरबदल, 9512 शिक्षक होंगे एलटी में समायोजित

2043 शिक्षकों को मिल सकती है प्राथमिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी

देहरादून। उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर कैडर पुनर्गठन की तैयारी चल रही है। जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत 9512 शिक्षकों को अब सहायक अध्यापक एलटी (TGT) के पदों में समायोजित किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने त्रिस्तरीय कैडर व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है।

शिक्षा विभाग ने प्रदेश में केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर त्रिस्तरीय पीआरटी, टीजीटी और पीजीटी व्यवस्था लागू करने का खाका तैयार किया है। प्रस्ताव के अनुसार, जूनियर हाईस्कूल में कार्यरत कुल 11,555 सहायक अध्यापकों में से 2043 को प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पद पर, जबकि शेष 9512 को एलटी ग्रेड (TGT) में समायोजित किया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों से विकल्प भी लिए जाएंगे।

इसी तरह, जूनियर हाईस्कूलों के 1998 प्रधानाध्यापकों में से 955 को प्राथमिक विद्यालयों में वरिष्ठ प्रधानाध्यापक और 1043 को माध्यमिक विद्यालयों में पीजीटी के रूप में समायोजित करने का प्रस्ताव है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे शैक्षिक ढांचे में अनुशासन और दक्षता बढ़ेगी।

भविष्य में इन पदों पर सीधी नियुक्ति या पदोन्नति नहीं की जाएगी। विकासखंड और संकुल मुख्यालयों के प्राथमिक विद्यालयों तथा आदर्श प्राथमिक विद्यालयों में वरिष्ठ प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति की जाएगी।

अपर शिक्षा निदेशक प्रारंभिक शिक्षा, पदमेंद्र सकलानी ने बताया कि प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है और त्रिस्तरीय कैडर व्यवस्था को शीघ्र लागू करने की योजना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top