Breaking News
जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है- मुख्यमंत्री
​देवभूमि की शांति भंग करने वाले अपराधियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शेगी सरकार- कुसुम कण्डवाल
जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें- जिलाधिकारी
मंत्री गणेश जोशी ने टिहरी में चारधाम यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण, दिए गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश
2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी- मुख्यमंत्री
दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत
‘पेद्दी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, चार दिन में कमाए इतने करोड़ रूपए
ऋषिकेश में बदमाशों के साथ हुई पुलिस की मुठभेड़, दो अपराधी गोली लगने से घायल
न्याय की सार्थकता उसकी निष्पक्षता और समयबद्धता में निहित है- मुख्यमंत्री धामी

राज्य में बढ़ते भालू के हमले- वन विभाग शासन को भेजेगा घायलों को 10 लाख तक की राशि देने का प्रस्ताव

वन विभाग ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल टाइमिंग एक घंटा आगे बढ़ाने का अनुरोध किया

देहरादून। राज्य में लगातार बढ़ रहे भालू-हमलों को देखते हुए वन विभाग ने बड़ी पहल की है। गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में प्रभावित लोगों को 10 लाख रुपये तक की अनुग्रह सहायता देने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है। साथ ही जिन इलाकों में भालुओं की गतिविधि और हमलों में तेजी आई है, वहां जैव विविधता बोर्ड और वन अनुसंधान संस्थान के जरिए विस्तृत अध्ययन कराने की भी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में मानव–वन्यजीव संघर्ष को रोकने और प्रभावितों को त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अधिकारियों ने बताया कि गांवों में जागरूकता कार्यक्रमों, झाड़ियों की कटान और ट्रैकिंग के लिए अतिरिक्त मानव बल की आवश्यकता है। पीसीसीएफ मिश्रा ने निर्देश दिए कि वनाग्नि और मानव–वन्यजीव संघर्ष दोनों बड़ी चुनौतियां हैं, इसलिए संवेदनशील क्षेत्रों में नियमों के अनुरूप पर्याप्त वॉचर नियुक्त किए जाएं।

बैठक में यह भी बताया गया कि भालू या अन्य वन्यजीवों के हमले में घायल व्यक्ति को अस्पताल तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था विभाग करता है, लेकिन कई बार गांव में रुकने और तत्काल सहायता पर अतिरिक्त व्यय आता है। अधिकारियों ने इस खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अनुरोध किया।

स्कूल का समय बदलने की सिफारिश भी

गढ़वाल वन संरक्षक ने जानकारी दी कि रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के कई इलाकों में स्कूल खुलने के समय भालू देखे जा रहे हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को खतरा बढ़ रहा है। इस पर वन विभाग ने जिला प्रशासन से स्कूलों का समय एक घंटा आगे बढ़ाने का औपचारिक अनुरोध किया है, ताकि बच्चे सुरक्षित समय में स्कूल आ-जा सकें।

बैठक में पीसीसीएफ एस.बी. सुबुद्धि, अपर प्रमुख वन संरक्षक मीनाक्षी जोशी, सुशांत पटनायक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top