Breaking News
दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत
‘पेद्दी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, चार दिन में कमाए इतने करोड़ रूपए
ऋषिकेश में बदमाशों के साथ हुई पुलिस की मुठभेड़, दो अपराधी गोली लगने से घायल
न्याय की सार्थकता उसकी निष्पक्षता और समयबद्धता में निहित है- मुख्यमंत्री धामी
उत्तराखंड में आज से SIR की शुरुआत, घर-घर पहुंचेंगे 11,733 बीएलओ
खेत बचाओ अभियान को जनांदोलन बनाने का आह्वान, किसानों ने लिया मिट्टी और कृषि संरक्षण का संकल्प
खाद्य सुरक्षा मानकों पर सख्ती, होटल संचालकों को किया जागरूक
डोईवाला क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, मामा- भांजा ही निकले आरोपी
आयरलैंड-इंग्लैंड टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम घोषित, श्रेयस अय्यर को मिली कप्तानी

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ को बताया क्रांतिकारी पहल

देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने केंद्र सरकार द्वारा ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ को मंजूरी दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह योजना देश के कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगी।

मीडिया को जारी अपने बयान में मंत्री जोशी ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की उत्पादकता में वृद्धि, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और सतत खेती (सस्टेनेबल एग्रीकल्चर) को प्रोत्साहित करना है। साथ ही, यह योजना कटाई के बाद भंडारण क्षमता बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं में सुधार लाने और किसानों को अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक ऋण सुलभ कराने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

उन्होंने बताया कि यह योजना उन क्षेत्रों को लक्षित करेगी जहां उत्पादकता कम है, फसल सघनता न्यून है और कृषि ऋण का वितरण अपेक्षाकृत कम रहा है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक राज्य से कम से कम एक जिला शामिल किया जाएगा और वर्ष 2025-26 तक देश के 100 जिलों में इसे लागू किया जाएगा।

कृषि मंत्री ने विश्वास जताया कि ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष तक किसानों की आय दोगुनी करने के विजन को पूर्णता तक पहुंचाने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल का भी इस किसान हितैषी निर्णय के लिए आभार जताया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top