Breaking News
होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को निकालने के लिए अमेरिका चलाएगा ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’- ट्रंप
‘राजा शिवाजी’ ने बॉक्स ऑफिस पर पार किया 30 करोड़ का आंकड़ा
नाबालिग के साथ सामुहिक दुष्कर्म पर महिला आयोग सख्त, आरोपियों पर कठोरतम कार्यवाही के दिए निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री ने 7 मेडिकल कॉलेजों एवं राज्य कैंसर संस्थान, हल्द्वानी के साथ की मैराथन समीक्षा बैठक
सिर्फ ज्यादा पानी नहीं, सही तरीके से पीना भी है जरूरी, जानें सही तरीका और जरूरी टिप्स
चुनाव आयोग को नियुक्ति के पूरे अधिकार, टीएमसी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका
इंडियन प्रीमियर लीग 2026- चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच मुकाबला आज
‘राजा शिवाजी’ की बॉक्स ऑफिस पर दमदार ओपनिंग, फिल्म ने पहले दिन कमाये इतने करोड़ रुपये
ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान का शीघ्र आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें- गणेश जोशी

हिमालय बचाओ अभियान-2025- सीएम धामी ने पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वालों को किया सम्मानित

“हिमालय देश की आत्मा और धरोहर” – सीएम धामी ने दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश

देहरादून। मसूरी रोड स्थित एक होटल में मंगलवार को आयोजित “हिमालय बचाओ अभियान-2025” कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालय और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वालों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2012 में शुरू हुआ हिमालय बचाओ अभियान अब जन-जन का अभियान बन चुका है। हिमालय देश की आत्मा, संस्कृति और प्रकृति की अनमोल धरोहर है, जिसकी नदियां करोड़ों लोगों को जीवनदायी जल और ऊर्जा प्रदान करती हैं। यहां की दुर्लभ वनस्पतियां और जीव-जंतु पर्यावरण की अहम धरोहर हैं।

उन्होंने कहा कि विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना जरूरी है। राज्य सरकार वन संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा, पौधारोपण और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से निरंतर प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमालयी क्षेत्र में सतत पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है और प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन के लिए डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम लागू किया गया है, जिससे अब तक 72 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है।

उन्होंने कहा कि हिमालय संरक्षण के लिए और व्यापक प्रयास जरूरी हैं। यहां के लोगों की परंपराएं और पारंपरिक ज्ञान प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने का मार्ग दिखाते हैं। जब प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझेगा, तभी हिमालय को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top