Breaking News
दो जरूरतमंद महिलाओं को सीएसआर फंड से मिली एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ रही आयुष औषधियों की मांग, उत्पादन और गुणवत्ता नियंत्रण जरूरी- त्रिवेन्द्र
20 मार्च तक जनपद की सभी सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण करें- जिलाधिकारी
दुबई में तेज धमाकों से मचा हड़कंप, आसमान में उठा काले धुएं का गुबार
सीएम धामी के सख्त निर्देश के बाद इकबालपुर पुलिस चौकी के सभी छह पुलिसकर्मी निलंबित
भोजन करने का सही तरीका कौन सा है, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
घोलतीर के पास हाईवे पर पलटी कार, रुद्रप्रयाग पुलिस ने चालक को निकाला सुरक्षित बाहर
धारी देवी मंदिर परिसर को आकर्षक वॉल वॉशर लाइटिंग से सजाया गया, रात में दिखेगा मनमोहक दृश्य
मुख्यमंत्री धामी ने जनसुविधाओं और विकास कार्यों के लिए 44.64 करोड़ रुपये की दी मंजूरी

राहुल क्या वायनाड से लड़ेंगे?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए लोकसभा सीट का चुनाव मुश्किल काम होता जा रहा है। वे पिछली बार दो सीटों से लड़े थे, जिसमें अमेठी से हार गए थे और केरल की वायनाड सीट से जीते थे। इस बार भी वे वायनाड सीट से नामांकन करेंगे तो घर बैठे चुनाव जीतेंगे। लेकिन उनके सामने एक नैतिक बाधा खड़ी हो गई है। सीपीआई के महासचिव डी राजा की पत्नी ऐनी राजा को सीपीआई ने उस सीट से उम्मीदवार बना दिया है। राजा के साथ राहुल के बहुत अच्छे संबंध हैं। अगर वहां दोनों आमने सामने होते हैं तो उसका असर देश के दूसरे हिस्सों में भी देखने को मिलेगा। सीपीआई के नेताओं ने कांग्रेस के ऊपर दबाव बनाना भी शुरू कर दिया है कि राहुल को वायनाड से नहीं लडऩा चाहिए।

राहुल के साथ दूसरी मुश्किल यह है कि उत्तर प्रदेश में परिवार की पारंपरिक सीटों- अमेठी और रायबरेली में लड़ाई लगातार मुश्किल होती जा रही है। पिछली बार वे अमेठी से हारे थे और सोनिया गांधी रायबरेली से जीत गई थीं। लेकिन इस बार सोनिया गांधी को चुनाव नहीं लडऩा है। कहा जा रहा है कि प्रियंका गांधी वाड्रा रायबरेली से लड़ सकती हैं।

लेकिन दूसरी ओर भाजपा ने इन दोनों सीटों को लेकर बड़ी तैयारी की है। इन दोनों लोकसभा सीटों के तहत आने वाली विधानसभा सीटों से जीते समाजवादी पार्टी के विधायकों को भाजपा ने तोड़ दिया है। अमेठी की अदिति सिंह पहले ही भाजपा में चली गईं थीं और अब ऊंचाहार के मनोज पांडेय भी भाजपा में जा रहे हैं। आसपास के सभी ठाकुर और ब्राह्मण विधायक भाजपा के साथ हो गए हैं। इसलिए दोनों में से कोई लोकसभा सीट सुरक्षित नहीं है। तभी राहुल के लिए वायनाड छोडऩा बहुत आसान नहीं होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top