Breaking News
जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार”- बड़ोलीबड़ी में बहुउद्देशीय शिविर सम्पन्न, 106 ग्रामीण हुए लाभान्वित
खेल विश्वविद्यालय के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी, 8.57 करोड़ रुपये स्वीकृत
हाई ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ा सकते हैं किडनी रोग का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
रसोई गैस के दाम बढाकर मोदी सरकार ने गरीब का चूल्हा बुझाने का किया है काम- ज्योति रौतेला
दून पुलिस की बड़ी कार्यवाही- किरायेदारों का सत्यापन न कराने पर 92 मकान मालिकों पर 9.20 लाख का जुर्माना
ओटीटी पर छाई प्रियंका चोपड़ा की ‘द ब्लफ’, व्यूअरशिप में बनी नंबर 1
संसद में हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है- ओम बिरला
आईपीएल 2026 के पहले चरण का शेड्यूल जारी, 28 मार्च से होगा रोमांचक आगाज
पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ी

भारत में बढ़ रहा प्री-डायबिटीज का खतरा, थोड़ी सी लापरवाही टाइप-2 डायबिटीज की तरफ धकेल रही

14 नवंबर को दुनिया भर में वर्ल्ड डायबिटीज डे मनाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत में सिर्फ डायबिटीज ही नहीं, बल्कि “प्री-डायबिटीज” भी बेहद तेजी से बढ़ रहा है। अनुमान है कि देश में लाखों लोग इस स्टेज में पहुंच चुके हैं, लेकिन आधे से ज्यादा लोगों को यह एहसास भी नहीं कि उनका ब्लड शुगर सामान्य से ऊपर जा चुका है और उनका शरीर इंसुलिन के प्रति धीरे-धीरे रेजिस्टेंट होता जा रहा है।

चिकित्सा विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है —
प्री-डायबिटीज वह स्थिति है जहां यदि समय रहते जीवनशैली में बदलाव न किया गया तो टाइप-2 डायबिटीज का खतरा अगले कुछ सालों के अंदर ही सामने आ जाता है।

क्यों माना जाता है प्री-डायबिटीज को ‘रिस्क अलर्ट’?

डॉक्टर बताते हैं कि इस अवस्था में ब्लड शुगर बढ़ना शुरू हो चुका होता है और यही चुपचाप शरीर के अंगों पर असर डालना शुरू कर देता है। यही वजह है कि इसे “साइलेंट स्टेज” कहा जाता है। यही स्टेज आगे जाकर हार्ट डिसीज़, स्ट्रोक, किडनी डैमेज की नींव रखती है।

किन लोगों में बढ़ चुका है खतरा?

जिनका वजन अधिक है, विशेषकर पेट पर

जिनकी लाइफस्टाइल में फिजिकल एक्टिविटी कम है

जिनके परिवार में डायबिटीज का इतिहास है

हाई BP / हाई कोलेस्ट्रॉल वाले मरीज

PCOS वाली महिलाएं

अक्सर लक्षण नहीं दिखते — फिर भी इन संकेतों पर ध्यान दें

गर्दन / बगल की त्वचा का काला पड़ना

जल्दी थकान होना

प्यास ज्यादा लगना

बार-बार पेशाब आना

विजन ब्लर होना

ऐसे संकेत मिलें तो डॉक्टर से ब्लड टेस्ट — Fasting Plasma Glucose या Oral Glucose Tolerance Test — जरूर करवाएं

कैसे बचाव हो सकता है?

विशेषज्ञों के मुताबिक प्री-डायबिटीज को रिवर्स करना संभव है।
तीन बदलाव सबसे प्रभावी माने जा रहे हैं—

वजन में 5%–7% की कमी

रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक/कसरत

रिफाइंड कार्ब्स (चीनी, मैदा, प्रोसेस्ड) घटाएं और फाइबर व प्रोटीन बढ़ाएं

(साभार)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top