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राजेंद्र नगर के कोचिंग सेंटर में 3 छात्रों की मौत के बाद मुखर्जी नगर में प्रोटेस्ट, रोड जाम

नई दिल्ली: दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में Rau’s IAS कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में शनिवार (27 जुलाई) को पानी भरने के कारण तीन छात्रों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद से छात्रों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस बीच, दिल्ली के मुखर्जी नगर में भी छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दी है।

छात्र ओल्ड राजेंद्र नगर में हुए हादसे के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि इस हादसे की जिम्मेदारी कोचिंग सेंटर प्रशासन की है, जो मानकों का पालन नहीं कर रहे थे।

राजनीतिक हलचल और प्रतिक्रिया
इस हादसे के चलते दिल्ली की राजनीति में भी हलचल मची हुई है। दिल्ली के मॉडल टाउन के एसडीएम राजीव सिन्हा ने मुखर्जी नगर में छात्रों से मुलाकात की। इस इलाके को कोचिंग सेंटरों का प्रमुख केंद्र माना जाता है। वहीं, बीजेपी ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए इस हादसे को सरकार की लापरवाही करार दिया है।

सांसद स्वाति मालीवाल ने रविवार (28 जुलाई) को मृतक छात्रों के परिजनों से मुलाकात की और कहा कि वह इस मामले को संसद में उठाएंगी।

अब तक की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस और दिल्ली नगर निगम ने हादसे के बाद सक्रियता दिखाते हुए अब तक 19 कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया है। इस मामले की जांच के लिए गृह मंत्रालय ने एक विशेष समिति का गठन किया है, जो हादसे के कारणों की जांच कर रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाएगी।

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सोमवार (29 जुलाई) को मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की मदद का ऐलान किया है। इस राहत राशि की घोषणा से पीड़ित परिवारों को कुछ सांत्वना मिली है, लेकिन छात्रों और उनके परिवारों की उम्मीदें अब न्याय की ओर हैं।

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