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एफआईएच पुरुष जूनियर हॉकी विश्व कप- सेमीफाइनल मुकाबले में भारत को जर्मनी से मिली करारी हार

जर्मनी ने एकतरफा मुकाबले में भारत को 5–1 से हराया 

नई दिल्ली। एफआईएच पुरुष जूनियर हॉकी विश्व कप में भारत का सफ़र सेमीफाइनल में थम गया। नौ साल बाद खिताब दोबारा जीतने की उम्मीदें जर्मनी ने निर्णायक प्रदर्शन करते हुए 5–1 की बड़ी जीत के साथ समाप्त कर दीं। मौजूदा चैंपियन जर्मनी ने पूरे मुकाबले में गति, रणनीति और फिनिशिंग के दम पर भारतीय टीम पर स्पष्ट बढ़त बनाए रखी।

पिछली बार 2016 में लखनऊ में खिताब जीतने वाली भारतीय टीम इस बार जर्मनी के मजबूत आक्रमण के सामने संघर्ष करती दिखी। सेमीफाइनल में जर्मनी के लुकास कॉसेल (14वें, 30वें मिनट), टाइटस वेक्स (15वां), जोनास वॉन जर्सम (40वां) और बेन हासबाख (49वां) ने गोल कर टीम को एकतरफा जीत दिलाई। भारत की ओर से एकमात्र गोल 51वें मिनट में अनमोल एक्का ने पेनल्टी कॉर्नर पर किया।

मैच की शुरुआत भारतीय खिलाड़ियों ने तेज रफ्तार और आक्रामक खेले से की, लेकिन जल्द ही जर्मनी ने खेल पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। भारतीय गोलकीपर प्रिंसदीप सिंह ने शुरुआती मिनटों में कई शानदार बचाव किए, पर 13वें मिनट में मिले पेनल्टी स्ट्रोक पर कॉसेल ने बढ़त दिला दी। पहला क्वार्टर समाप्त होने से कुछ क्षण पहले वेक्स ने कॉसेल के बेहतरीन क्रॉस पर दूसरा गोल दागा।

दूसरे क्वार्टर के आखिरी पलों में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर कॉसेल ने अपना दूसरा गोल कर स्कोर 3-0 कर दिया, जिसके साथ हाफ टाइम तक जर्मनी मज़बूत स्थिति में पहुंच गया। तीसरे क्वार्टर में भारत के पास वापसी का सुनहरा मौका था, लेकिन सौरभ आनंद कुशवाहा गोलपोस्ट के सामने आसान मौक़ा गंवा बैठे।

इसके बाद जर्मनी ने मैच पर पूरी पकड़ बना ली। 40वें मिनट में जर्सम का गोल और 49वें मिनट में हासबाख की डाइविंग फिनिश ने भारत की उम्मीदें लगभग समाप्त कर दीं। आखिरी पलों में भारत ने दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, जिनमें से एक पर अनमोल ने गोल जरूर किया, लेकिन तब तक मैच जर्मनी की पकड़ में जा चुका था।

अब भारत बुधवार को अर्जेंटीना के खिलाफ कांस्य पदक के लिए उतरेगा, जबकि फाइनल में जर्मनी का मुकाबला स्पेन से होगा, जिसने पहले सेमीफाइनल में अर्जेंटीना को 2–1 से हराया।

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