खारखीव में फंसे डॉ डीपी जोशी के बेटे अक्षत आखिर लौटे दून! बम धमाकों के बीच मेट्रो के बंकर में ली हुई थी शरण

खारखीव में फंसे डॉ डीपी जोशी के बेटे अक्षत आखिर लौटे दून! बम धमाकों के बीच मेट्रो के बंकर में ली हुई थी शरण
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करीब 10 दिन से ज्यादा की मशक्कत के बाद आखिरकार दून निवासी सीनियर चिकित्सक डीपी जोशी के बेटे अक्षत यूक्रेन के खरकीव से दून लौट गए हैं।

अक्षत का आज दून लौटने पर घरवालों ने भव्य स्वागत किया। आपको बता दें कि अक्षत खरकीव में mbbs थर्ड ईयर के छात्र हैं लेकिन यूक्रेन में युद्ध शुरू होने से वे अब तक वहां फंसे थे। उनको 27 फरवरी को लौटना था लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका। उनके पिता डॉ डीपी जोशी ने बताया कि दो दिन पहले अक्षत खरकीव जहां भयंकर लड़ाई छिड़ी है वहां से रोमानिया के लिए निकले। इससे पहले खरकीव में वह अपना फ्लैट छोड़कर मेट्रो स्टेशन के बंकर में शिफ्ट हो गए थे। डॉ जोशी के मुताबिक इस दौरान रूस यहां लगातार हमले कर रहा था। बम धमाकों की आवाज से हर कोई सहमा हुआ था। दो दिन पहले वे खरकीव से रोमानिया बॉर्डर पहुँचे जहां से वे fligt से दिल्ली और फिर दून पहुँचे। डॉ जोशी ने अक्षत के सकुशल लौटने पर पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम पुष्कर सिंह धामी व स्थानीय प्रशाशन का आभार जताया है।

The Digital Uttarakhand

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