Breaking News
लियोनल मेसी ने रचा इतिहास- 900 गोल करने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी बने 
स्नेक वेनम मामला- सुप्रीम कोर्ट ने एल्विश यादव के खिलाफ दर्ज एफआईआर की रद्द
पैरों में बार-बार होने वाली सूजन को न करें नजरअंदाज, हो सकता है दिल की बीमारी का संकेत
मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी हिंदू नवसंवत्सर की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज, नई कहानी ने बढ़ाई उत्सुकता
चिन्यालीसौड़ क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने सीएम धामी से की मुलाकात, सड़कों की स्वीकृति पर जताया आभार
मंत्री रेखा आर्या ने किया 110 शिकायतों का मौके पर निस्तारण
राजस्व वसूली, गैस वितरण, अतिक्रमण और एसआईआर की प्रगति की समीक्षा, जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश
रेल परियोजनाओं के बजट में 25 गुना वृद्धि, 40,384 करोड़ की नई लाइनें स्वीकृत

पैरों में बार-बार होने वाली सूजन को न करें नजरअंदाज, हो सकता है दिल की बीमारी का संकेत

बदलती दिनचर्या, तनाव और असंतुलित खानपान के कारण दिल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार शरीर पहले ही गंभीर बीमारी के संकेत देने लगता है, लेकिन लोग उन्हें मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। पैरों में बार-बार होने वाली सूजन भी ऐसा ही एक संकेत हो सकता है, जो दिल की कमजोरी की ओर इशारा करता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर पैरों, टखनों या तलवों में लगातार सूजन बनी रहती है, तो इसे सामान्य समस्या समझकर टालना खतरनाक हो सकता है। यह स्थिति शरीर में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने का संकेत देती है, जो अक्सर दिल की कार्यक्षमता कमजोर होने से जुड़ी होती है। जब दिल सही तरीके से रक्त पंप नहीं कर पाता, तो शरीर के निचले हिस्सों में द्रव जमा होने लगता है, जिससे सूजन दिखाई देने लगती है।

मेडिकल भाषा में इस स्थिति को “एडीमा” कहा जाता है। यह समस्या सिर्फ पैरों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि हाथों, चेहरे और पेट में भी दिखाई दे सकती है। हालांकि, दिल से जुड़ी समस्याओं में इसका असर पैरों और टखनों में ज्यादा देखने को मिलता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि एडीमा के साथ कई अन्य लक्षण भी सामने आ सकते हैं, जैसे अचानक वजन बढ़ना, त्वचा में खिंचाव महसूस होना, सांस लेने में परेशानी, जल्दी थकान और चलने-फिरने में दिक्कत। कुछ मामलों में जूते या चप्पल का अचानक टाइट लगना भी शरीर में तरल पदार्थ बढ़ने का संकेत होता है।

डॉक्टरों की सलाह है कि अगर ये लक्षण बार-बार दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। नमक का सेवन सीमित करना, नियमित व्यायाम करना और वजन नियंत्रित रखना इस समस्या से बचाव में मददगार हो सकता है। साथ ही बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां लेने से बचना जरूरी है।

विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि सही समय पर जांच जैसे ईसीजी, इकोकार्डियोग्राफी और ब्लड टेस्ट के जरिए स्थिति का पता लगाया जा सकता है। समय रहते पहचान और इलाज से गंभीर जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

(साभार)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top