Breaking News
आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा, विभागों को कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश
गैस और तेल संकट को लेकर हरक सिंह रावत का केंद्र सरकार पर हमला
रोजाना दूध में मखाना मिलाकर पीने से शरीर को मिलते हैं कई स्वास्थ्य लाभ
हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खुलेंगे, यात्रा की तैयारियां शुरू
पुष्कर सिंह धामी ने 63 सफाई निरीक्षकों को दिए नियुक्ति पत्र
जनरल बिपिन रावत की जयंती पर उन्हें पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि देते सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी
मशहूर हेयर स्टाइलिस्ट मार्से पेड्रोजो का निधन, फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, बारिश और बर्फबारी से फिर लौटी ठंड
कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लगी आग से 11 लोग घायल, राष्ट्रपति मुर्मू ने जताया गहरा शोक

असम में मानसून की एंट्री के साथ तबाही- भारी बारिश से 20 जिलों के 764 गांव जलमग्न

तटबंध, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त, परिवहन सेवाएं ठप

गुवाहाटी। पूर्वोत्तर भारत में मानसून की दस्तक के साथ ही तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। तेज बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ की स्थिति बन गई है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। असम में हालात सबसे अधिक बिगड़े हैं, जहां 20 जिलों के सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं और लगभग चार लाख लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।

कछार जिला सबसे ज्यादा प्रभावित

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, कछार और श्रीभूमि जिलों में दो लोगों की जान चली गई है। राज्य में अब तक बाढ़ और भूस्खलन के चलते मरने वालों की संख्या 10 तक पहुंच गई है। कछार में स्थिति बेहद गंभीर है, जहां एक लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि श्रीभूमि में 85,000 और नागांव में करीब 62,000 लोग बाढ़ की चपेट में हैं। पूरे राज्य में 764 गांवों में पानी भर गया है और 3,500 हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि बर्बाद हो चुकी है।

राहत कार्य जारी, 12 जिलों में राहत शिविर

बाढ़ से उत्पन्न संकट से निपटने के लिए एनडीआरएफ समेत कई राहत एजेंसियां मोर्चे पर हैं। प्रशासन की ओर से 12 जिलों में 155 राहत शिविर और सहायता केंद्र सक्रिय हैं, जहां 10,000 से ज्यादा विस्थापितों को आश्रय दिया गया है। बीते 24 घंटे में प्रशासन ने हजारों क्विंटल खाद्य सामग्री वितरित की है, जिसमें चावल, दाल, नमक और सरसों का तेल शामिल है।

नदियों का जलस्तर खतरे के पार

लगातार बारिश की वजह से राज्य की प्रमुख नदियां उफान पर हैं। ब्रह्मपुत्र नदी डिब्रूगढ़ और निमातीघाट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि धनसिरी, कोपिली, बराक और कुशियारा नदियों के जलस्तर में भी तेजी से वृद्धि हुई है। इनसे सटे इलाकों में तटबंधों, पुलों, सड़कों और अन्य आधारभूत संरचनाओं को भारी नुकसान हुआ है। सड़क, रेल और जल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

मुख्यमंत्री की चेतावनी, केंद्र का आश्वासन

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को जनता से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही बारिश से स्थिति और गंभीर हो सकती है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली और हरसंभव मदद देने का भरोसा दिलाया। भारतीय वायुसेना ने असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर फंसे 14 लोगों को सुरक्षित निकाला है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top