Breaking News
कृषि विभाग में अनियमितताओं के प्रकरण में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने दिए जांच के आदेश
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने राज्यपाल के अभिभाषण को बताया निराशाजनक और दिशाहीन
‘महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान की शुरुआत, दूरस्थ महिलाओं को न्याय दिलाने की बड़ी पहल
मुख्यमंत्री धामी ने पेश किया ₹1.11 लाख करोड़ का बजट
इंडोनेशिया में बड़ा हादसा, भारी बारिश के कारण कचरे का विशाल ढेर ढहा, पांच लोगों की मौत
कान साफ करने के लिए ईयरबड्स का इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
गैरसैंण में यूकेडी का प्रदर्शन, विधानसभा घेराव की कोशिश पर पुलिस से झड़प
आलिया भट्ट की आगामी फिल्म ‘अल्फा’ का पोस्टर जारी, रिलीज डेट का भी हुआ एलान
पश्चिम एशिया में तनाव पर सरकार चिंतित, भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता- एस जयशंकर

राजधानी की हवा में सुधार आने के बाद सीएक्यूएम ने ग्रेप 3 व ग्रेप 4 की हटाई पाबंदियां

निर्माण व विध्वंस कार्य दोबारा से हो जाएंगे शुरू 

भारी वाहनों व ट्रकों को राजधानी में मिलेगा प्रवेश 

दिल्ली। राजधानी की हवा में सुधार आने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) 3 व चार की पाबंदियां हटा दी हैं। ऐसे में निर्माण व विध्वंस कार्य दोबारा से शुरू हो जाएंगे। इसके अलावा भारी वाहनों व ट्रकों को राजधानी में प्रवेश मिलेगा। सीएक्यूएम की उप समिति ने यह निर्णय बृहस्पतिवार शाम को बैठक में लिया। सीएक्यूएम के मुताबिक, डीजल वाले चारपहिया वाहनों व उद्योगों पर भी पाबंदी हट गई है। बड़े वेल्डिंग और गैस कटिंग के काम हो सकेंगे। इसी तरह सीमेंट, प्लास्टर और अन्य कोटिंग का काम हो सकेगा।

निर्माण व विध्वंस परियोजना स्थल और औद्योगिक इकाइयां जिन्हें विभिन्न वैधानिक दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के कारण विशेष रूप से बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं, वे किसी भी परिस्थिति में आयोग से बिना अनुमति के संचालन शुरू नहीं कर सकेंगे। सीएक्यूएम की उप-समिति वायु गुणवत्ता पर कड़ी नजर रखेगी। वहीं, पूर्वानुमान के आधार पर आगे उचित निर्णय के लिए समय-समय पर स्थिति की समीक्षा करेगी।

पहले चरण में 500 वर्गमीटर के बराबर या उससे अधिक के भूखंड आकार वाले निजी निर्माण व विध्वंस परियोजनाओं के काम पर रोक रहती है। यहां उन कार्यों पर रोक रहती है, जो धूल शमन उपायों की दूरस्थ निगरानी के लिए राज्य सरकार के पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हैं। थर्मल पावर प्लांटों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने के साथ-साथ होटल, रेस्तरां और खुले भोजनालयों में तंदूर में कोयले के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध है।

ड्यूल फ्यूल या सर्टिफाइड एजेंसी से रेट्रोफिटिंग करवाने वाले 62 से 800 किलोवॉट तक के जनरेटरों पर रोक नहीं रहेगी। अब तक यह छूट 125 से 800 किलोवॉट के जनरेटरों के लिए थी यानी नियमों का पालन करने वाले अधिक जेनरेटर इस बार चल सकेंगे। 19 से 62 किलोवॉट की क्षमता वाले ड्यूल फ्यूल के डीजल सेट पर रोक नहीं रहेगी। इस रेंज के जो जनरेटर डुअल फ्यूल पर नहीं होंगे और पीएनजी इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं होगा, वहां पर इमरजेंसी सर्विसेज के लिए इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। पहले इस रेंज के सभी जनरेटरों को आपातकालीन सेवाओं के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top