Breaking News
जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार”- बड़ोलीबड़ी में बहुउद्देशीय शिविर सम्पन्न, 106 ग्रामीण हुए लाभान्वित
खेल विश्वविद्यालय के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी, 8.57 करोड़ रुपये स्वीकृत
हाई ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ा सकते हैं किडनी रोग का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
रसोई गैस के दाम बढाकर मोदी सरकार ने गरीब का चूल्हा बुझाने का किया है काम- ज्योति रौतेला
दून पुलिस की बड़ी कार्यवाही- किरायेदारों का सत्यापन न कराने पर 92 मकान मालिकों पर 9.20 लाख का जुर्माना
ओटीटी पर छाई प्रियंका चोपड़ा की ‘द ब्लफ’, व्यूअरशिप में बनी नंबर 1
संसद में हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है- ओम बिरला
आईपीएल 2026 के पहले चरण का शेड्यूल जारी, 28 मार्च से होगा रोमांचक आगाज
पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ी

लोक आस्था के महापर्व छठ का दूसरा दिन आज, जानिए खरना का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व 

छठ पूजा के सबसे महत्वपूर्ण पूजा दिनों में से एक है खरना 

इस साल खरना पूजा पर बन रहा विशेष संयोग

नई दिल्ली। लोक आस्था के महापर्व छठ का आज यानी बुधवार को दूसरा दिन है। नहाय-खाय के बाद व्रती खरना का प्रसाद ग्रहण करेंगे। इस दिन शाम को गुड़ और चावल की खीर बनाकर उसका भोग लगाया जाएगा। महिलाएं निर्जला व्रत रखकर अगले दिन यानी गुरुवार शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी और शुक्रवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर संतान और परिवार के लिए मंगल कामना करेंगी। छठ पूजा के दूसरे दिन खरना पूजा का भी विशेष महत्व होता है। खरना छठ पूजा के सबसे महत्वपूर्ण पूजा दिनों में से एक है। इस दिन छठी मैया का आगमन होता है जिसके बाद भक्त 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू करते हैं। इस साल खरना पूजा पर विशेष संयोग बन रहा, जिसे ज्योतिष काफी शुभ मान रहे। आइए जानते हैं आज खरना का शुभ मुहूर्त पूजा विधि और महत्व के बारे में।

जानिए, कब से कब तक है खरना पूजा का मुहूर्त

बुधवार सुबह 04:59 बजे से 05:52 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त है। सूर्योदय सुबह 06:45 बजे पर हुआ और सूर्यास्त का समय शाम 09:26 बजे है। पंडित अनंत चौधरी की मानें तो इस साल खरना पूजा मूल नक्षत्र में बन रहा है, जिसे सनातन में काफी शुभ माना गया है। खरना पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05:29 से 07:48 तक है। पूर्वाषाढ़ नक्षत्र के साथ सुकर्मा योग बन रहा है। इस नक्षत्र में खरना पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। इस शुभ मुहूर्त में पूजा करने से व्रतियों को विशेष फल और आशीर्वाद मिलता है।

छठ खरना पूजा में किनकी आराधना होती है?

छठ पूजा के दूसरे दिन को खरना कहा जाता है। इस बार खरना छह नवंबर यानी बुधवार को है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को खरना का प्रसाद बनाया जाता है। इस दिन माताएं दिनभर व्रत रखती हैं और पूजा के बाद खरना का प्रसाद खाकर 36 घंटे के निर्जला व्रत का आरंभ करती हैं। इस दिन मिट्टी के चूल्हे में आम की लकड़ी से आग जलाकर प्रसाद बनया जाता है।

छठ का पहला अर्घ्य और दूसरा अर्घ्य कब है?
छठ पूजा के तीसरे दिन शाम के समय नदी या तालाब में खड़े होकर अस्त होते सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है। इस बार सात नवंबर यानी गुरुवार को पहला अर्घ्य दिया जाएगा। इसमें बांस के सूप में फल, गन्ना, चावल के लड्डू, ठेकुआ सहित अन्य सामग्री रखकर पानी में खड़े होकर पूजा की जाती है। छठ पूजा के चौथे और आखिरी दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इस बार आठ नवंबर यानी शुक्रवार को दूसरा अर्घ्य दिया जाएगा। इस दिन व्रती अपने व्रत का पारण करते हैं। साथ ही अपनी संतान की लंबी उम्र और अच्छे भविष्य की कामना करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top