Breaking News
सरकार स्वयं जनता के द्वार पहुंचकर कर रही समस्याओं का समाधान- मुख्यमंत्री धामी
नई खेल नीति में स्पेशल कैटेगरी के खिलाड़ियों के लिए होंगे विशेष प्रावधान- रेखा आर्या
डीएम प्रशांत आर्य ने स्यानाचट्टी के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का किया स्थलीय निरीक्षण
भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला आज
24 जुलाई को रिलीज होगा ‘रामायण’ का ट्रेलर, मेकर्स ने की घोषणा
अग्निवीर रैलियों के सुचारू आयोजन हेतु सेना और उत्तराखंड सरकार के बीच समन्वय बैठक
दावे-आपत्तियों के निस्तारण में मानसून के चलते मतदाता को न हो परेशानी- सीईओ
मसूरी रोड पर 50 मीटर गहरी खाई में गिरे स्कूटी सवार का एसडीआरएफ ने किया सफल रेस्क्यू
डीएम ने की ई-आफिस प्रगति समीक्षा, तकनीकी समस्याओं के शीघ्र समाधान के दिए निर्देश

कोटद्वार में नकली दवाईयों के कारोबार में लिप्त एक अवैध फैक्ट्री सील

नकली दवाई माफियांओं पर 24 घण्टे के अन्दर एसटीएफ की दूसरी बड़ी कार्यवाही

कोटद्वार। मुख्यमंत्री के ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत उत्तराखंड एसटीएफ ने नकली और अवैध दवाओं के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कोटद्वार स्थित एक दवा निर्माण इकाई पर छापा मारा। जांच के दौरान फैक्ट्री में अनियमितताएं पाए जाने पर परिसर को सील कर दिया गया और बड़ी मात्रा में दवा निर्माण से जुड़ी सामग्री बरामद की गई।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश पर राज्य में नकली दवाओं के निर्माण और कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए एसटीएफ लगातार अभियान चला रही है। इसी क्रम में एसटीएफ को सूचना मिली थी कि कोटद्वार के सिडकुल सिगड्डी क्षेत्र में स्थित एक फैक्ट्री में अवैध रूप से औषधियों का निर्माण किया जा रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद एसटीएफ ने औषधि विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम के साथ फैक्ट्री में सघन जांच अभियान चलाया।

जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित फैक्ट्री का औषधि निर्माण लाइसेंस वर्ष 2024 में ही निरस्त किया जा चुका था, बावजूद इसके परिसर में दवा निर्माण से संबंधित मशीनें और उपकरण मौजूद थे। टीम ने मौके से लगभग तीन किलोग्राम कम्प्रेस्ड टैबलेट तथा टैबलेट निर्माण में इस्तेमाल होने वाले 34 पंच उपकरण बरामद किए।

प्रारंभिक जांच में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 सहित अन्य वैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन के संकेत मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार वैध लाइसेंस के बिना किसी भी दवा निर्माण इकाई का संचालन कानूनन अपराध है। इसके चलते फैक्ट्री को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है और बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

एसटीएफ के अनुसार संबंधित फैक्ट्री पहले भी विवादों में रह चुकी है। वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान यहां नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने के आरोप लगे थे। वहीं वर्ष 2024 में तेलंगाना पुलिस ने भी इसी फैक्ट्री में छापेमारी कर नकली दवाओं और उनके रैपर का बड़ा जखीरा बरामद किया था।

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आम जनता से अपील की है कि नकली दवाओं, अवैध औषधि निर्माण इकाइयों या बिना लाइसेंस संचालित फैक्ट्रियों की जानकारी तुरंत पुलिस अथवा संबंधित विभाग को दें। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top