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विकास का धामी मॉडल : मियावाला में तालाब बना खूबसूरत पार्क, लोगों को मिली नई सैर की जगह

विकास का धामी मॉडल : मियावाला में तालाब बना खूबसूरत पार्क, लोगों को मिली नई सैर की जगह

देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) जनहित से जुड़ी योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतार रहा है। खास तौर पर शहर के पुराने प्राकृतिक तालाबों, जल स्रोतों और पार्कों के संरक्षण व सौंदर्यीकरण की दिशा में प्राधिकरण की पहल अब साफ तौर पर नजर आने लगी है। इसी कड़ी में देहरादून के मियावाला क्षेत्र में एक पुराने प्राकृतिक तालाब को विकसित कर लगभग 3.30 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त आकर्षक तालाब तथा पार्क के रूप में तैयार किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधा का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरा है।

मियावाला पंचायत घर गन्ना सेंटर के समीप जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पड़े पुराने प्राकृतिक तालाब के कायाकल्प के बाद तैयार इस पार्क का लोकार्पण आज रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने किया। इस अवसर पर स्थानीय पार्षद, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। कार्यक्रम में एमडीडीए के प्रभारी अधीक्षण अभियंता अतुल गुप्ता सहित हॉर्टिकल्चर अनुभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी ने लगभग 3.30 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस परियोजना को क्षेत्र के विकास और पर्यावरण एवं जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया और प्राधिकरण की कार्यशैली की सराहना की। तेजी से शहरीकरण के दौर में जहां प्राकृतिक जल स्रोत और हरित क्षेत्र लगातार सिमटते जा रहे हैं, वहीं एमडीडीए द्वारा इन संसाधनों के संरक्षण और पुनर्जीवन की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

पार्क में आधुनिक सुविधाओं का समावेश
नए विकसित पार्क में आमजन की सुविधा के लिए कई आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। पार्क का मुख्य द्वार उत्तराखंड की पारंपरिक पहाड़ी शैली में बनाया गया है, जो स्थानीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत करता है। इसके अलावा पार्क में योग डेक, योग से संबंधित मूर्तिकला, कैन्टीन, स्वच्छ शौचालय, सुरक्षा के लिए रेलिंग, आकर्षक गज़ीबो, व्यवस्थित वॉकिंग ट्रैक, गार्डन बेंच और हरियाली से भरपूर खुले क्षेत्र विकसित किए गए हैं।

शहर की सुंदरता और हरियाली को मिलेगा बढ़ावा
एमडीडीए द्वारा इस तरह की परियोजनाएं न केवल शहर की सुंदरता को बढ़ा रही हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। जलाशयों के संरक्षण से भूजल स्तर बनाए रखने में मदद मिलेगी, वहीं हरित क्षेत्रों के विस्तार से प्रदूषण नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी। प्राधिकरण का कहना है कि इसी तर्ज पर अन्य स्थानों पर भी पार्कों और जल स्रोतों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है, जिससे देहरादून को एक स्वच्छ, हरित और सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित किया जा सके। मियावाला में विकसित यह पार्क न केवल एक विकास परियोजना है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि यदि योजनाओं को सही दिशा और दृष्टि के साथ लागू किया जाए, तो विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। एमडीडीए की यह पहल देहरादून के लिए एक मॉडल बन सकती है, जिसे आने वाले समय में अन्य शहरों में भी अपनाया जा सकता है।

प्राकृतिक धरोहरों को नया जीवन देने की पहल- उमेश शर्मा काऊ
रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने मियावाला में विकसित किए गए इस पार्क का लोकार्पण करते हुए एमडीडीए की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण ने जिस संवेदनशीलता और दूरदृष्टि के साथ प्राकृतिक तालाब को संरक्षित करते हुए उसे जनसुविधा से जोड़ने का कार्य किया है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक पार्क नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनहित के बीच संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण है। काऊ ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में विकास कार्यों को नई दिशा मिल रही है और एमडीडीए उसी सोच को जमीन पर उतार रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह की योजनाएं अन्य क्षेत्रों में लागू होंगी, जिससे लोगों को बेहतर जीवन स्तर और स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा।

पुराने जल स्रोत को मिला नया जीवन- बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि पर्यावरण के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए विकास को आगे बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि मियावाला परियोजना इसी सोच का परिणाम है, जहां एक पुराने जल स्रोत को संरक्षित करते हुए उसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा गया है। एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में ऐसे कई अन्य स्थलों की पहचान की गई है, जहां इसी तरह के कार्य किए जाएंगे। उनका कहना है कि इन परियोजनाओं से शहर की सुंदरता के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन भी मजबूत होगा।

प्रकृति और विकास का संगम- मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि मियावाला पार्क का निर्माण निर्धारित समयसीमा और मानकों के अनुरूप पूरा किया गया है। एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि भविष्य में भी जनहित को प्राथमिकता देते हुए इस तरह की योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

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