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SSC परीक्षा में हाईटेक नकल गिरोह का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार

पास कराने के बदले मांगते थे 10 लाख रुपये

देहरादून। देहरादून में प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में, परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने संगठित नकल गिरोहों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के नेतृत्व में उत्तराखंड पुलिस ने नकल माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत पहले ही दे दिए थे।

इसी क्रम में उत्तराखंड एसटीएफ और उत्तरप्रदेश एसटीएफ की संयुक्त टीम ने कर्मचारी चयन आयोग की एसएससी मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) भर्ती परीक्षा के दौरान एक हाईटेक नकल गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को पास कराने के नाम पर ठगी और नकल कराए जाने की सूचनाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। 13 फरवरी 2026 को प्राप्त पुख्ता इनपुट के आधार पर देहरादून स्थित महादेव डिजिटल जोन, एमकेपी इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र में दबिश दी गई।

कार्रवाई के दौरान परीक्षा लैब के पास बने यूपीएस रूम में 24×24 इंच का एक गुप्त अंडरग्राउंड चैंबर मिला, जिसमें दो लैपटॉप और राउटर सक्रिय अवस्था में पाए गए। जांच में सामने आया कि इन उपकरणों के माध्यम से अभ्यर्थियों के कंप्यूटर को रिमोट एक्सेस कर प्रश्नपत्र हल किए जा रहे थे। एसटीएफ टीम ने तकनीकी और फॉरेंसिक उपकरणों की मदद से सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सील कर कब्जे में लिया।

इस मामले में दो आरोपियों—नीतिश कुमार (निवासी देवरिया, वर्तमान दिल्ली) और भास्कर नैथानी (निवासी देहरादून)—को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के बदले करीब 10 लाख रुपये की मांग करता था और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर नकल कराई जाती थी।

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम 2023, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इस प्रकरण की जांच अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी द्वारा की जाएगी। वहीं, गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमों द्वारा लगातार दबिश और छापेमारी की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परीक्षाओं की निष्पक्षता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त और निर्णायक कार्रवाई जारी रहेगी।

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