Breaking News
मंत्री गणेश जोशी ने रिटायर्ड हवलदार उदय सिंह थापा को दी 100वें जन्मदिवस की शुभकामनाएं
चारधाम यात्रा पर राजनीति न करें- सीएम धामी
भाजपा सरकार महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर पूरी तरह विफल साबित हुई- यशपाल आर्य
महिला आरक्षण पर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा विपक्ष- सीएम धामी
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बिजली उत्पादन पर टैक्स नहीं लगा सकती राज्य सरकार
इस आसान घरेलू ड्रिंक से पाएं सिरदर्द से राहत, जानें बनाने की विधि
सिक्किम के लोगों ने अपने व्यवहार और देशप्रेम से जीता पूरे देश का दिल- पीएम मोदी
माइकल जैक्सन की बायोपिक ‘माइकल’ ने मचाया धमाल, वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर तोड़े रिकॉर्ड
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने शिक्षाविद ललित मोहन जोशी को किया सम्मानित

जेल दिवस पर अधीक्षक ने दिया सुधार, आत्मनिर्भरता और पुनर्वास का संदेश

पौड़ी। पौड़ी जनपद के खाण्डयूसैंण स्थित जिला कारागार में कल जेल दिवस का आयोजन सादगी एवं सकारात्मक वातावरण में किया गया। कार्यक्रम जेल अधीक्षक कौशल कुमार की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

जेल दिवस पर आयोजित कार्यक्रम मे जेल अधीक्षक ने कहा की जेल दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह आत्मचिंतन, सुधार और नए संकल्प का दिन है। जेल को केवल दंड का स्थान न मानकर सुधार, आत्मबोध एवं नए जीवन की शुरुआत का केंद्र बनाया जाना चाहिए, और यही जेल दिवस मनाने का वास्तविक उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि भविष्य मे बंदियों मे कौशल विकसित करने के लिए कारागार में बेकरी यूनिट की स्थापना, लॉन्ड्री (धुलाई) यूनिट की स्थापना प्रस्तावित की जाएगी ताकि बंदी रिहाई के बाद स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें।

इस अवसर पर दौरान बंदियों के पुनर्वास एवं आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए भविष्य की योजनाओं पर भी विचार व्यक्त किया गया। जेल दिवस के अवसर पर बंदियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गयी, जिसमें महिला बंदियों ने गीत गाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

इसके अलावा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। खेल प्रतियोगिताओं में कैरम में लोकेंद्र थापा एवं रवि, लूडो में पारितोष कुमार एवं मोहम्मद इरफान तथा शतरंज प्रतियोगिता में अजय उर्फ अज्जू ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त वॉलीबॉल एवं रस्साकशी प्रतियोगिताओं में बंदियों ने समूहों में भाग लेकर उत्साहपूर्वक प्रदर्शन किया। खेलों में विजेता बंदियों को उनके दैनिक उपयोग में आने वाली सामग्री पुरस्कार स्वरूप प्रदान की गयी, जिसमें प्रथम पुरस्कार के रूप में बाल्टी, द्वितीय पुरस्कार के रूप में टिफिन तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में पानी की बोतल प्रदान की गयी।

कार्यक्रम के अंतर्गत एक मानवीय पहल के रूप में “लेटर टू फैमिली” अभियान भी चलाया गया, जिसके तहत ऐसे बंदियों ने अपने परिजनों को पत्र लिखे, जिनकी नियमित मुलाकात नहीं हो पाती है। इस पहल का उद्देश्य बंदियों को भावनात्मक संबल प्रदान करना तथा पारिवारिक संबंधों को सुदृढ़ बनाना है। जेल दिवस का समापन सुधार, सकारात्मक सोच एवं पुनर्वास के संदेश के साथ किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top