Breaking News
दो जरूरतमंद महिलाओं को सीएसआर फंड से मिली एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ रही आयुष औषधियों की मांग, उत्पादन और गुणवत्ता नियंत्रण जरूरी- त्रिवेन्द्र
20 मार्च तक जनपद की सभी सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण करें- जिलाधिकारी
दुबई में तेज धमाकों से मचा हड़कंप, आसमान में उठा काले धुएं का गुबार
सीएम धामी के सख्त निर्देश के बाद इकबालपुर पुलिस चौकी के सभी छह पुलिसकर्मी निलंबित
भोजन करने का सही तरीका कौन सा है, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
घोलतीर के पास हाईवे पर पलटी कार, रुद्रप्रयाग पुलिस ने चालक को निकाला सुरक्षित बाहर
धारी देवी मंदिर परिसर को आकर्षक वॉल वॉशर लाइटिंग से सजाया गया, रात में दिखेगा मनमोहक दृश्य
मुख्यमंत्री धामी ने जनसुविधाओं और विकास कार्यों के लिए 44.64 करोड़ रुपये की दी मंजूरी

मुख्यमंत्री धामी ने शासकीय आवास पर किया संत समाज के दिग्गजों का स्वागत

सभी संतों एवं धर्माचार्यों ने उत्तराखंड राज्य स्थापना रजत जयंती वर्ष के लिए दीं शुभकामनाएं

कुंभ 2027 को विश्वस्तरीय बनाने के लिए संतों ने दिया आशीर्वाद

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने शासकीय आवास पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज सहित देश के कई प्रतिष्ठित संतों और धार्मिक गुरुओं का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज, अखाड़ा परिषद अध्यक्ष स्वामी रविन्द्रपुरी महाराज, बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, परमार्थ निकेतन (ऋषिकेश) के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण, कवि व वक्ता डॉ. कुमार विश्वास और प्रसिद्ध कथावाचक जया किशोरी भी मौजूद रहे।

सभी संतों एवं धर्माचार्यों ने उत्तराखंड राज्य स्थापना रजत जयंती वर्ष के लिए शुभकामनाएं दीं और राज्य में धर्म, संस्कृति और सनातन परंपराओं के संरक्षण के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना भी की। मुख्यमंत्री धामी ने संत समाज के आशीर्वाद व मार्गदर्शन को राज्य के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

संत समाज ने 2027 में होने वाले हरिद्वार कुंभ को दिव्य, भव्य और विश्व-स्तरीय आयोजन बनाने के लिए आशीर्वाद दिया और तैयारियों को लेकर सरकार की दिशा व नीतियों की प्रशंसा की।

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार धर्म, संस्कृति और विकास के समन्वय के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि देवभूमि उत्तराखंड सदैव अध्यात्म, आस्था और धार्मिक विरासत का केंद्र बना रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top