Breaking News
समर्पण और उद्देश्य की भावना के साथ अपने पेशेवर कर्तव्यों को निभाएं- उपराष्ट्रपति
टिहरी में दर्दनाक सड़क हादसा: गहरी खाई में गिरा यूटिलिटी वाहन, 8 की मौत
आईपीएल 2026- मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मुकाबला आज
यात्रा व्यवस्था में लगे कर्मचारी, अधिकारी “अतिथि देवो भव:” की भावना से कार्य करें- महाराज
गुलदार के हमले में बुजुर्ग महिला की मौत, झाड़ियों में मिला शव
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत
‘पति पत्नी और वो दो’ का पहला गाना ‘रूप दी रानी’ हुआ रिलीज
विधि-विधान के साथ खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट, हजारों श्रद्धालु रहे मौजूद

विधि विधान के साथ बंद हुए यमुनोत्री धाम के कपाट

विशेष पूजा-अर्चना के बाद दोपहर 12.30 बजे बंद हुए मंदिर के कपाट

अब अगले छह माह तक श्रद्धालु खरसाली गांव में ही मां यमुना के दर्शन कर सकेंगे

उत्तरकाशी। भाईदूज के पावन अवसर पर आज यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकालीन प्रवास के लिए बंद कर दिए गए। अब अगले छह माह तक श्रद्धालु खरसाली गांव में ही मां यमुना के दर्शन कर सकेंगे।

यमुनोत्री धाम में विशेष पूजा-अर्चना

यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, सचिव सुनील उनियाल और कोषाध्यक्ष प्रदीप उनियाल ने बताया कि सुबह 8 बजे खरसाली गांव से यमुना के भाई शनिदेव महाराज की डोली वाद्य यंत्रों के साथ धाम के लिए रवाना हुई।

दोपहर 12.30 बजे विशेष पूजाओं के बाद मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए गए। इस दौरान शनिदेव महाराज ने यमुना नदी में स्नान किया और अपनी बहन मां यमुना के साथ विशेष पूजा-अर्चना में भाग लिया। इसके बाद मां यमुना की उत्सव डोली अपने मायके खरसाली गांव के लिए रवाना हुई।

यमुनोत्री धाम में इस साल 6,45,000 श्रद्धालुओं ने मां यमुना के दर्शन कर पूजा अर्चना की। श्रद्धालुओं के चढ़ावे और भेंट से यमुनोत्री मंदिर समिति को करीब 50 लाख रुपए की आय हुई है। गत वर्ष की अपेक्षा श्रद्धालुओं की आवाजाही में थोड़ी कमी आई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top