Breaking News
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन, 39 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा देश
सावन का पहला सोमवार आज, शिव मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब
बारिश के साथ बढ़ा डेंगू का खतरा, 40 अस्पतालों में 1,662 बेड किए गए आरक्षित
बारिश से चारधाम यात्रा प्रभावित, भूस्खलन से यमुनोत्री-गंगोत्री हाईवे कई जगह बंद
अब जनता बनाएगी एमडीडीए की नई पहचान, मैस्कॉट डिज़ाइन पर मिलेगा ₹50 हजार का इनाम
राजस्व वसूली में ढिलाई पर बरतेगी सख्ती, डीएम ने दी कड़ी चेतावनी
डीएवी (पीजी) कॉलेज में 100 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का लोकार्पण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश
एम्स ऋषिकेश चोरी कांड का खुलासा, आंध्र प्रदेश का शातिर चोर गिरफ्तार, 50 लाख के गहने बरामद

प्रदेश के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, येलो अलर्ट जारी

देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, पौड़ी, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही, अन्य जिलों में भी बिजली चमकने के साथ तेज बारिश के आसार जताए गए हैं।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन और मौसम के बदलते पैटर्न के चलते पर्वतीय इलाकों में लगातार तेज बारिश की घटनाएं देखी जा रही हैं। हालांकि, राज्य के मैदानी क्षेत्रों में मानसून की रफ्तार में कुछ कमी आई है। अनुमान है कि 17 सितंबर तक प्रदेश भर में हल्की से लेकर तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

बारिश के कारण जनजीवन पर असर भी साफ नजर आने लगा है। बृहस्पतिवार को राज्य में तीन राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) समेत कुल 177 सड़कें बंद रहीं। इससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

जिलावार बंद सड़कों का विवरण इस प्रकार है:

  • टिहरी: 23 सड़कें

  • चमोली: 32 सड़कें

  • रुद्रप्रयाग: 25 सड़कें

  • पौड़ी: 12 सड़कें

  • उत्तरकाशी: 21 सड़कें

  • देहरादून: 16 सड़कें

  • हरिद्वार: 1 सड़क

  • पिथौरागढ़: 18 सड़कें

  • अल्मोड़ा: 16 सड़कें

  • बागेश्वर: 6 सड़कें

  • नैनीताल: 7 सड़कें

वहीं, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में कोई भी सड़क बंद नहीं होने की जानकारी दी गई है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और अनावश्यक रूप से पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा से बचें। आवश्यक सेवाओं को बहाल करने के लिए राहत एवं पुनर्वास टीमें तैनात कर दी गई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top