Breaking News
उत्तराखंड में जीएसटी संग्रहण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, नेट एसजीएसटी 24% बढ़ा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया अपने पद से इस्तीफा
भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 676.23 अरब डॉलर पहुंचा, आरबीआई के ताजा आंकड़े जारी
‘जन नायकन’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा, दो दिन में पार किया 50 करोड़ का आंकड़ा
शिक्षक बनने का सुनहरा मौका,16 अगस्त को होगी संयुक्त बीएड-एमएड प्रवेश परीक्षा
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक
ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंसः हर युवा का भविष्य बचाना हमारी प्राथमिकता- डीएम
उत्तराखंड पुलिस के निलंबित सिपाही शेर सिंह के तथाकथित “इस्तीफे” को लेकर उठे सवाल

अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को जल्द मिलेगा मुआवजा

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को प्रतिदिन नुकसान की रिपोर्ट देने और कागजी कार्यवाही तुरंत पूरा करने के निर्देश दिए

देहरादून। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज अपने कैंप कार्यालय में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर अतिवृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने फसलों को हुए नुकसान की विस्तार से जानकारी ली।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि फसलों के नुकसान का नियमित रूप से सर्वेक्षण कर प्रतिदिन रिपोर्ट मंत्रालय को उपलब्ध कराई जाए। कृषि मंत्री ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि भारत सरकार के मानकों के अनुसार शीघ्र कागजी कार्यवाही पूरी कर किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित कृषकों को तुरंत राहत मिलना सरकार की पहली प्राथमिकता है।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अतिवृष्टि से औद्यानिक फसलों को 12,272.74 हेक्टेयर क्षेत्रफल में नुकसान हुआ है। इनमें से 33 प्रतिशत से अधिक क्षति श्रेणी में कुल क्षेत्रफल 4,797.49 हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जिसमें सिंचित क्षेत्र 1,394.90 हेक्टेयर और असिंचित क्षेत्र 3,402.66 हेक्टेयर शामिल हैं। उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी विकासखंड के धराली ग्रामसभा में औद्यानिक फसलों की क्षति का क्षेत्रफल 6.10 हेक्टेयर दर्ज किया गया।

इसी प्रकार कृषि फसलों को प्रदेश में 339.47 हेक्टेयर क्षेत्रफल में नुकसान हुआ है, जिनमें 33 प्रतिशत से अधिक क्षति की श्रेणी का क्षेत्रफल कुल 45 हेक्टेयर दर्ज किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह नुकसान भारत सरकार के आपदा मानकों के अनुसार 33 प्रतिशत से अधिक है और मुआवजा वितरण की श्रेणी में आता है। विभागीय अधिकारियों द्वारा यह भी बताया गया कि तराई क्षेत्र में जनपद हरिद्वार और उधमसिंह नगर के खटीमा में खेतों में जल भराव के कारण आंकलन नहीं हो पाया है जो शीघ्र ही किया जाएगा।

कृषि मंत्री जोशी ने अधिकारियों को कहा कि प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संकट की इस घड़ी में किसानों के साथ खड़ी है और शीघ्र ही मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

बैठक में कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार और निदेशक बागवानी मिशन महेंद्र पाल उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top