Breaking News
आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा, विभागों को कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश
गैस और तेल संकट को लेकर हरक सिंह रावत का केंद्र सरकार पर हमला
रोजाना दूध में मखाना मिलाकर पीने से शरीर को मिलते हैं कई स्वास्थ्य लाभ
हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खुलेंगे, यात्रा की तैयारियां शुरू
पुष्कर सिंह धामी ने 63 सफाई निरीक्षकों को दिए नियुक्ति पत्र
जनरल बिपिन रावत की जयंती पर उन्हें पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि देते सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी
मशहूर हेयर स्टाइलिस्ट मार्से पेड्रोजो का निधन, फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, बारिश और बर्फबारी से फिर लौटी ठंड
कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लगी आग से 11 लोग घायल, राष्ट्रपति मुर्मू ने जताया गहरा शोक

संसद बहस का मंच है, राजनीतिक स्वार्थ के लिए बाधित करना गलत- अमित शाह

गृह मंत्री ने कहा, लोकतंत्र में सभी चर्चाएं सार्थक होनी चाहिए और सदन का संचालन नियमों के अनुसार होना चाहिए

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि संसद और विधानसभाएं बहस और चर्चा का मंच हैं, लेकिन संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए सदन को बाधित करना लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। उन्होंने यह बात अखिल भारतीय सभापति सम्मेलन में कही। शाह ने बताया कि मानसून सत्र में विपक्ष के विरोध के कारण कई बार कार्य बाधित हुआ और कामकाज प्रभावित हुआ।

अमित शाह ने कहा, “लोकतंत्र में बहस जरूरी है, लेकिन किसी के राजनीतिक स्वार्थ के लिए सदन को ठप करना गलत है। सभी चर्चाओं में सार्थकता होनी चाहिए और अध्यक्ष की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।” उन्होंने सदन संचालन में निष्पक्षता और नियमों का पालन करने पर भी जोर दिया।

गृह मंत्री ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि जब भी संसद की गरिमा से समझौता हुआ, देश को इसके गंभीर परिणाम देखने को मिले। उन्होंने विट्ठलभाई पटेल को भी याद किया, जिनका नाम भारतीय संसद के पहले निर्वाचित अध्यक्ष के रूप में दर्ज है। शाह ने कहा कि लोकतंत्र की स्थापना और विधायी प्रक्रियाओं को मजबूत करना स्वतंत्रता दिलाने जितना ही महत्वपूर्ण था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top